
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के पूर्व ओएसडी और निलंबित सहायक आबकारी अधिकारी दीपम रायचुरा से लोकायुक्त पुलिस अगले माह पूछताछ कर सकती है। भोपाल की दो शराब दुकानों के आवंटन में पौने तीन करोड़ के फर्जी ई-एफडीआर स्वीकार कराने के मामले में आबकारी विभाग से मांगी गई जानकारी लोकायुक्त संगठन को मिल गई है। इसमें आबकारी आयुक्त कार्यालय की जांच रिपोर्ट भी शामिल है। अब लोकायुक्त संगठन दस्तावेज का परीक्षण कर रहा है।
लोकायुक्त पुलिस ने इस मामले में रायचुरा के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया है। आरोप है कि न्यू मार्केट क्षेत्र की दो शराब दुकानों के ठेके के लिए दो करोड़ 75 लाख रुपये की फर्जी ई-एफडीआर स्वीकार कराने में उन्होंने सहयोग किया था। कई राज्यों में 15 से अधिक मामलों में गिरफ्तार ठग मोहित गोगिया ने प्रवर्तन निदेशालय को दिए बयान में यह आरोप लगाया था। गोगिया अभी तिहाड़ जेल में बंद है।
इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित हुए गोगिया के कथित बयान में यह कहा गया है कि जसवंत नामक व्यक्ति को दोनों दुकानों का ठेका दिलाने के लिए उसने एक करोड़ रुपये रिश्वत दी थी, जिसे रायचुरा ने निराधार बताया था। बता दें कि आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना की जांच में ई-एफडीआर फर्जी होने की पुष्टि हो चुकी है।
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लोकायुक्त पुलिस ने आबकारी आयुक्त कार्यालय से रायचुरा की पदस्थापना से जुड़ी कुछ और जानकारी मांगी है। इसमें यह विवरण शामिल है कि वह कब और कहां पदस्थ रहे तथा अलग-अलग पदों पर उनकी क्या जिम्मेदारियां थीं।
संगठन रायचुरा की संपत्ति की जानकारी भी जुटा रहा है, जिससे देखा जाएगा कि आय से अधिक संपत्ति तो नहीं है। अधिक संपत्ति होने पर इसका अलग से प्रकरण पंजीबद्ध किया जाएगा। रायचुरा अभी निलंबित हैं। विभाग ने कारण बताओ नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।