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शिक्षकों पर TET की अनिवार्यता पर घमासान, शिक्षक संगठनों ने शिक्षा विभाग से मांगे 8 सवालों के जवाब

शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा माध्यमिक शिक्षा मंडल को परीक्षा एजेंसी घोषित करने और परीक्षा के दायरे में आने वाले शि...और पढ़ें

By Anjali raiEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Sun, 20 Sep 2026 07:51:00 AM (IST)Updated Date: Sun, 20 Sep 2026 07:56:26 AM (IST)
शिक्षकों पर TET की अनिवार्यता पर घमासान, शिक्षक संगठनों ने शिक्षा विभाग से मांगे 8 सवालों के जवाब
टीईटी की अनिवार्यता पर शिक्षक संगठनों ने आठ सवाल पूछे हैं (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. टीईटी की अनिवार्यता पर शिक्षक संगठनों के आठ सवाल
  2. विभाग से मांगी नियमों की स्पष्टता
  3. शिक्षक संगठनों ने परीक्षा से पहले दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा माध्यमिक शिक्षा मंडल को परीक्षा एजेंसी घोषित करने और परीक्षा के दायरे में आने वाले शिक्षकों के पदनाम संबंधी आदेश जारी होने के बाद शिक्षक संगठनों ने विभाग से आठ सवालों के जवाब मांगे हैं। शिक्षक संगठन के उपेंद्र कौशल और राजेश मिश्रा ने विशेष रूप से पूर्व में नियुक्त और वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

शिक्षक संगठनों ने किन सवालों के मांगे हैं जवाब

उनका कहना है कि वर्ष 2018 से पहले नियुक्त शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति और सेवा निरंतरता पर टीईटी का कोई प्रभाव पड़ेगा या नहीं, यह विभाग को लिखित रूप से स्पष्ट करना चाहिए। साथ ही टीईटी में शामिल होने या उत्तीर्ण होने से प्रथम नियुक्ति तिथि, वरिष्ठता, वेतन, पेंशन और अन्य सेवाकालीन लाभ प्रभावित होंगे या नहीं, इसकी भी जानकारी दी जाए। टीईटी की अनिवार्यता को लेकर ग्वालियर खंडपीठ में राजेश मिश्रा विरुद्ध मध्य प्रदेश शासन एवं अन्य प्रकरण पेश किया गया है।


याचिकाकर्ताओं के अनुसार बीती सात सितंबर के आदेश में कोर्ट ने टीईटी से जुड़े प्रश्नों पर विचार किया है। उनका कहना है कि कोर्ट ने संबंधित मामले में याचिकाकर्ता के खिलाफ टीईटी में शामिल नहीं होने पर कानूनी कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया और विभागों को नोटिस जारी किए। इसी बीच स्कूल शिक्षा विभाग ने 15 सितंबर को टीईटी संबंधी नया आदेश जारी किया। इससे कार्यरत शिक्षकों में अपनी सेवा स्थिति और परीक्षा की अनिवार्यता को लेकर असमंजस है।

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पोर्टल पर नियुक्ति तिथि को सुरक्षित रखने की मांग की

शिक्षक संगठनों ने 2018 के भर्ती नियमों के नियम 11(2) लागू होने पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि यह नियम किन शिक्षकों पर लागू होगा। उनका कहना है कि यदि यह सीधी भर्ती से संबंधित है तो पहले से कार्यरत शिक्षकों पर इसे लागू करने का वैधानिक आधार स्पष्ट किया जाए। शिक्षकों ने शिक्षा पोर्टल 3.0 में दर्ज प्रथम नियुक्ति तिथि को सुरक्षित रखने की मांग की है।

संगठनों का कहना है कि टीईटी में शामिल होने या उत्तीर्ण होने से पहले से दर्ज नियुक्ति तिथि और वरिष्ठता में बदलाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया आगे बढ़ाने से पहले संवर्ग और नियुक्ति वर्ष के आधार पर लिखित दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।