
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश में शहरी आवास की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए सरकार शहरी किफायती आवास एवं पर्यावास नीति ला रही है। इसका प्रारूप जारी कर विशेषज्ञों के साथ आमजन से सुझाव मांगे गए हैं। नीति से निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
नीति प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी-2.0 के उद्देश्यों के अनुरूप है। तेजी से बढ़ते नगरीकरण, औद्योगिक विस्तार, रोजगार के नए अवसरों और ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों की ओर हो रहे प्रवास के कारण किफायती आवासों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में नीति के माध्यम से आवास की उपलब्धता बढ़ाने के साथ शहरी विकास को अधिक समावेशी बनाने का प्रयास किया जाएगा।
प्रारूप में निजी डेवलपर्स को किफायती आवास निर्माण के लिए प्रोत्साहित करना प्रस्तावित है। इसके लिए स्वीकृति प्रक्रियाओं का सरलीकरण, नियामकीय सुधार, फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) में वृद्धि और शुल्कों में छूट जैसे उपाय अपनाए जा सकते हैं। सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के माध्यम से भी आवास परियोजनाओं में निवेश बढ़ाने की योजना है।
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भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए टाउन प्लानिंग स्कीम, विकास अधिकारों के हस्तांतरण और शासकीय भूमि के बेहतर उपयोग पर ध्यान दिया जाएगा। एकीकृत डिजिटल पोर्टल के माध्यम से आवास संबंधी प्रक्रियाओं और स्वीकृतियों की स्थिति ऑनलाइन देखी जा सकेगी।