MP में पशुपालन विभाग में प्रमोशन पर विवाद: CM और GAD पहुंचे वेटरिनरी डॉक्टर्स, SC-ST आरक्षण का उठाया मुद्दा
वेटरिनरी डाक्टर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री और सामान्य प्रशासन विभाग को अभ्यावेदन भेजा है। जिसमें पदोन्नति से प्रभावित कर्मचारियों को निर्णय से पहले अपन...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 16 Sep 2026 08:18:31 PM (IST)Updated Date: Wed, 16 Sep 2026 08:18:31 PM (IST)
प्रतीकात्मक फोटो।HighLights
- वेटरिनरी डॉक्टर्स एसोसिएशन ने प्रमोशन से प्रभावित कर्मचारियों की मांग उठाई
- अपनी बात रखने के लिए सीएम और सामान्य प्रशासन विभाग को अभ्यावेदन भेजा
- एसोसिएशन ने प्राकृतिक न्याय और संवैधानिक प्रतिनिधित्व का हवाला दिया
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। पशुपालन एवं डेयरी विभाग में पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर विवाद जारी है। मध्य प्रदेश वेटरिनरी डॉक्टर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री और सामान्य प्रशासन विभाग को पत्र भेजकर पदोन्नति से प्रभावित कर्मचारियों को निर्णय से पहले अपनी बात रखने का अवसर देने की मांग की है।
एसोसिएशन ने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के तहत जरूरी बताया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. हीरा सिंह भंवर ने कहा कि पद की गरिमा और संवैधानिक प्रतिनिधित्व की रक्षा के लिए संबंधित अधिकारियों की बात सुनी जानी चाहिए। संगठन ने 21 अगस्त 2026 को भी शासन को इस संबंध में पत्र दिया था।
संवर्गवार विचारण सूची की मांग
एसोसिएशन का कहना है कि पदोन्नति प्रक्रिया में आरक्षित वर्ग के पर्याप्त प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखा जाना चाहिए। संगठन ने संवर्गवार विचारण सूची बनाए जाने का समर्थन किया है।
उसके अनुसार यदि केवल संयुक्त विचारण सूची में सीमित अधिकारियों पर विचार किया जाता है तो एससी और एसटी वर्ग का प्रतिनिधित्व अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाएगा।
मप्र में पदोन्नति से संबंधित नियमों में एससी के लिए 16 प्रतिशत और एसटी के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान रहा है।