• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 28, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आपके इरादों और ईमानदारी पर संदेह… कर्नल सोफिया मामले में माफी नहीं मांगने पर SC ने की मंत्री विजय शाह की खिंचाई

Vijay Shah vs Colonel Sofia Qureshi Case: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मीडिया ब्रीफिंग के लिए सरकार ने कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह को च...और पढ़ें

By Arvind DubeyEdited By: Arvind Dubey
Publish Date: Mon, 28 Jul 2025 01:30:18 PM (IST)Updated Date: Mon, 28 Jul 2025 01:48:28 PM (IST)
आपके इरादों और ईमानदारी पर संदेह… कर्नल सोफिया मामले में माफी नहीं मांगने पर SC ने की मंत्री विजय शाह की खिंचाई

HighLights

  1. जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने गठित की है एसआईटी
  2. SIT को 13 अगस्त तक जांच पूरी करने का निर्देश
  3. सुप्रीम कोर्ट में पेश की जाएगी जांच रिपोर्ट

एजेंसी, नई दिल्ली/भोपाल। मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह द्वारा भारतीय सेना अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ की गई टिप्पणी के मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान सर्वोच्च अदालत ने अपनी टिप्पणी पर सार्वजनिक रूप से माफी न मांगने पर विजय शाह की खिंचाई की।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यही कारण है कि कोर्ट को मध्य प्रदेश के मंत्री के इरादों और ईमानदारी पर संदेह पैदा हो रहा है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी को 13 अगस्त तक जांच पूरी करने और अदालत को रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।


naidunia_image

इस विवाद की शुरुआत इसी साल 11 मई को इंदौर के महू में विजय शाह के दिए एक बयान से हुई थी। मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का हवाला देते हुए कहा था कि

'उन्होंने कपड़े उतार-उतार कर हमारे हिंदुओं को मारा और पीएम मोदी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा। अब मोदी जी कपड़े तो उतार नहीं सकते। इसलिए उनकी समाज की बहन को भेजा कि तुमने हमारी बहनों को विधवा किया है, तो तुम्हारे समाज की बहन आकर तुम्हें नंगा करके छोड़ेगी। देश का मान-सम्मान और हमारी बहनों के सुहाग का बदला तुम्हारी जाति, समाज की बहनों को पाकिस्तान भेजकर ले सकते हैं।'

यहां भी क्लिक करें - कर्नल सोफिया पर विवादित बयान देने वाले MP के मंत्री शाह ने सीएम के साथ किया मंच साझा, हंसी-मजाक करते रहे

इस टिप्पणी की व्यापक निंदा हुई। मंत्री के बयान के खिलाफ देशभर में उपजे आक्रोश और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की कड़ी टिप्पणी के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने 19 मई को तीन सदस्यीय एसआईटी के गठन का निर्देश दिया।

आईजी प्रमोद वर्मा, डीआईजी कल्याण चक्रवर्ती और डिंडोरी एसपी वाहिनी सिंह वाली एसआईटी ने 20 मई को अपनी जांच शुरू की थी।