MP में हेलमेट पहनना होगा अनिवार्य, 26 अप्रैल से चलेगा विशेष अभियान, अब सिर्फ चालान नहीं; लाइसेंस भी जाएगा
मध्य प्रदेश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों को कम करने के लिए पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने कमर कस ली है।
Publish Date: Sat, 25 Apr 2026 08:11:19 PM (IST)Updated Date: Sat, 25 Apr 2026 08:11:19 PM (IST)
हेलमेट की अनिवार्यता पर अब जीरो टॉलरेंस।HighLights
- हेलमेट न पहनने वालों पर पुलिस का होगा प्रहार
- 50% सड़क मौतों के बाद जागा पुलिस विभाग
- हेलमेट की अनिवार्यता पर अब जीरो टॉलरेंस
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। हेलमेट नहीं पहनने वालों के विरुद्ध रविवार 26 अप्रैल से प्रदेश भर में पुलिस विशेष अभियान चलाने जा रही है, जो 10 मई तक चलेगा। इसमें हेलमेट नहीं पहनने वालों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई करने के साथ लाइसेंस निलंबित करने के लिए परिवहन विभाग को भी ऐसे वाहन चालकों की जानकारी पुलिस भेजेगी। दरअसल, हेलमेट नहीं पहनने वालों के विरुद्ध अभियान तो प्रति वर्ष चलाया जाता है, पर वाहन चालकों पर ज्यादा असर नहीं होता है।
एडीजी विवेक शर्मा के सख्त निर्देश
अभियान बंद होते ही ढिलाई प्रारंभ हो जाती है। इसी कारण पुलिस प्रशिक्षण अनुसंधान संस्थान के एडीजी विवेक शर्मा ने लाइसेंस निलंबन पर जोर देने के लिए कहा है। पुलिस अधीक्षकों को भेजे पत्र में यह भी कहा गया है कि युवाओं और महिलाओं को विशेष रूप से समझाइश दी जाए। कारण, हेलमेट नहीं पहनने वालों में इनकी संख्या अधिक है। दूसरा यह कि दुर्घटना के शिकार भी सबसे अधिक युवा ही होते हैं।
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अभियान की मुख्य बातें:
- कड़ी चालानी कार्रवाई और लाइसेंस निलंबन: हेलमेट न पहनने वाले उल्लंघनकर्ताओं के विरुद्ध न केवल चालानी कार्रवाई की जाएगी, बल्कि POS मशीनों के माध्यम से उनके ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने हेतु परिवहन विभाग को प्रस्ताव भी भेजे जाएंगे।
- युवाओं और महिलाओं पर विशेष ध्यान: इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं और महिला चालकों को हेलमेट के प्रति जागरूक करना है।
- शिक्षण संस्थानों में जागरूकता: पुलिस की टीमें स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों में जाकर विद्यार्थियों को यातायात नियमों और हेलमेट के महत्व के प्रति शिक्षित करेंगी।
- सोशल मीडिया का उपयोग: फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफार्मों के माध्यम से यातायात जागरूकता संदेश और लघु वीडियो साझा कर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
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सड़क दुर्घटनाओं के डरावने आंकड़े
बता दें कि प्रदेश में वर्ष 2026 में 15 हजार 800 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हुई है, जिनमें सात हजार से अधिक दोपहिया वाहन चालक थे। इनमें 70 प्रतिशत बिना हेलमेट के थे। पुलिस का यह विशेष अभियान इन्ही आंकड़ों को कम करने और लोगों में यातायात नियमों के प्रति गंभीरता लाने के उद्देश्य से शुरू किया जा रहा है।