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MP Weather Update: मध्य प्रदेश के 42 जिलों में बदला मौसम, कई जिलों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि, तापमान में भारी गिरावट

बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी पक रही फसल को खासा नुकसान हुआ है। मालवा निमाड़ और ग्वालियर-चंबल अंचल में किसानों को काफी क्षति हुई है।

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Fri, 20 Mar 2026 09:38:22 PM (IST)Updated Date: Fri, 20 Mar 2026 09:38:51 PM (IST)
MP Weather Update: मध्य प्रदेश के 42 जिलों में बदला मौसम, कई जिलों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि, तापमान में भारी गिरावट
एमपी में बेमौसम बारिश से पारा 10 डिग्री गिरा।

HighLights

  1. एमपी में बेमौसम बारिश से पारा 10 डिग्री गिरा
  2. सरकार से तत्काल सर्वे और मुआवजे की मांग
  3. बेमौसम बारिश ने 10 डिग्री गिरा गिराया पारा

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी पक रही फसल को खासा नुकसान हुआ है। मालवा निमाड़ और ग्वालियर-चंबल अंचल में किसानों को काफी क्षति हुई है। गेहूं, चना और मक्का की फसल को नुकसान पहुंचा है। शुक्रवार सुबह से ही करीब 42 जिलों में मौसम का मिजाज बदला रहा, जिससे पारे में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, इस बदलाव ने जहां आम जन को गर्मी से राहत दी है, वहीं गेहूं और चने की तैयार फसलों को नुकसान पहुंचा है।

ओलावृष्टि और आंधी की दोहरी मार

मालवा-निमाड़ के किसानों पर गुरुवार रात बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि की दोहरी मार पड़ी। बड़वानी में अंगूर के आकार के ओलों ने गेहूं, चना और मक्का को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया। धार के बदनावर में 59,600 हेक्टेयर में बोई गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। किसान 10 से 15 प्रतिशत नुकसान का अनुमान लगा रहे हैं। आगर में कटी रखी फसल के दानों की गुणवत्ता घटने और समर्थन मूल्य पर खरीदी में नुकसान की चिंता है। खरगोन में आंधी से मक्का के पौध गिर गए। रतलाम, देवास और बुरहानपुर में नुकसान सीमित रहा, नीमच में कोई नुकसान नहीं हुआ है।


पारा 10 डिग्री लुढ़का, फसलें खेतों में बिछीं

गुरुवार शाम से शुक्रवार सुबह तक ग्वालियर-चंबल अंचल में 2.2 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई। वर्षा की वजह से गुरुवार की तुलना में शुक्रवार को तापमान में 10.6 डिसे. की गिरावट आ गई और मौसम ठंडा हो गया। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक कटी और खेतों में खड़ी फसल के भीगने से 10 प्रतिशत तक नुकसान हो सकता है। वहीं शिवपुरी में तेज वर्षा के साथ ओलावृष्टि हुई। इससे जनजीवन तो अस्तव्यस्त हुआ। साथ ही फसलों में भी ओलावृष्टि से नुकसान होने की संभावना है।

श्योपुर में भी दोपहर बाद तेज आंधी के साथ वर्षा हुई, जिससे खेतों में खड़ी फसल बिछ गई। विजयपुर के सिद्धपुरा गांव में चने के आकार के ओले भी गिरे, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा है। दतिया में शाम चार बजे के बाद बारिश हुई, जबकि बसई क्षेत्र में करीब एक घंटे तक झमाझम बारिश हुई। इस दौरान हसनपुर, रेवई, हिम्मतपुर में चने के आकार के ओलों का झोंका भी आया। किसानों के मुताबिक बारिश के कारण खेतों में गेहूं की फसल आड़ी हो गई है।

तेज हवाओं और ओलावृष्टि का दौर जारी

मौसम विज्ञानी दिव्या सुरेंद्रन के अनुसार, धार के बदनावर और बैतूल के घोड़ाडोंगरी में सर्वाधिक 18 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई, जबकि बड़वानी, भोपाल, दमोह और मुलताई जैसे क्षेत्रों में 12 मिमी से अधिक पानी गिरा। ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर टीकमगढ़, खजुराहो, पन्ना, शिवपुरी और विदिशा समेत मालवा-निमाड़ के कुछ हिस्सों में देखा गया। प्रभावित क्षेत्रों के किसानों ने सरकार से तत्काल सर्वे कराकर मुआवजे की मांग की है। भोपाल में शुक्रवार को हुई वर्षा के बाद दिन का तापमान चार डिग्री लुढ़ककर 29.4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया।

वहीं, पचमढ़ी 12.6 डिग्री के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा। वर्षा के साथ चली तेज रफ्तार हवाओं ने भी जनजीवन प्रभावित किया। आगर-मालवा में हवा की गति 74 किमी प्रतिघंटा तक पहुंच गई, जबकि भोपाल और इंदौर में यह 40 किमी प्रतिघंटा दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले तीन से चार दिनों तक प्रदेश में इसी तरह की बूंदाबांदी, तेज हवाओं और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी रखा है। हालांकि, इस उथल-पुथल के बीच खरगोन अब भी प्रदेश का सबसे गर्म इलाका बना हुआ है, जहां अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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मटर के आकार के ओलों ने बढ़ाई चिंता

सिवनी, दमोह और डिंडौरी में ओलावृष्टि से नुकसान महाकोशल-विंध्य के सिवनी, डिंडौरी और बुंदेलखंड के दमोह जिले में ओलावृष्टि हुई है। अन्य जिलों में बादल छाए रहे और वर्षा हुई है। ओलावृष्टि से खेतों में लगी और कटी फसल को नुकसान की आशंका है। दमोह जिले के बटियागढ़ के मगोला व कबीरपुर में गुरुवार रात करीब 10 मिनट तक मटर के आकार के ओले गिरे हैं, जिससे गेहूं को नुकसान हुआ है। शुक्रवार की शाम को भी तेज गरज के साथ वर्षा हुई।

वहीं डिंडौरी के गाड़ासरई, शहपुरा के ग्राम ढोंढा सहित आसपास के क्षेत्रों में शुक्रवार को ओले गिरे हैं। शाम को आंधी चलने के साथ कुछ देर वर्षा हुई। मंडला जिले में भी शुक्रवार को वर्षा हुई है। सिवनी के घंसौर तहसील के कई गांव में ओलावृष्टि से गेहूं-चना सहित अन्य फसलों को नुकसान हुआ है। अनूपपुर में तीन दिन से वर्षा हो रही है। जबलपुर में तेज अंधड़, गरज-चमक और ओलावृष्टि से ग्रामीण क्षेत्रों में गेहूं की तैयार फसल खेतों में बिछ गई।