
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश में विधानसभा का शीतकालीन सत्र दिसंबर के दूसरे से तीसरे सप्ताह तक हो सकता है। इसमें सरकार द्वितीय अनुपूरक बजट के साथ पंचायतराज अधिनियम में संशोधन के लिए विधेयक प्रस्तुत कर सकती है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने कालोनाइजर एक्ट का प्रारूप भी तैयार कर लिया है यदि अनुमोदन मिल जाता है तो फिर इसे भी प्रस्तुत किया जा सकता है।
संसदीय कार्य विभाग ने नवंबर के अंतिम सप्ताह और दिसंबर के पहले सप्ताह से विधानसभा का शीतकालीन सत्र प्रस्तावित किया है। हालांकि, इसके दूसरे से तीसरे सप्ताह तक होने की संभावना है। 17 दिसंबर को विधानसभा का स्थापना दिवस रहता है। गत वर्ष एक दिवसीय विशेष बैठक आयोजित की गई थी।
इसे ध्यान में रखते हुए सत्र की अवधि को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से चर्चा के बाद अंतिम रूप देंगे। इसमें वर्ष 2026-27 के वित्तीय वर्ष के लिए द्वितीय अनुपूरक बजट प्रस्तुत होगा, जिसमें पूंजीगत कार्यों के लिए निर्माण विभागों को अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, ग्रामसभा के अधिकार पंचायत समितियों को देने के लिए पंचायतराज अधिनियम में भी संशोधन संबंधी विधेयक भी प्रस्तुत किया जा सकता है।
यह भी पढ़ें- शीतकालीन सत्र से पेपरलेस होगी मप्र विधानसभा, 28 से 30 अक्टूबर तक विधायकों को मिलेगी ई-विधान की ट्रेनिंग
विधानसभा में शीतकालीन सत्र से ई-विधान व्यवस्था प्रभावी होगी। इसके माध्यम से सदस्य प्रश्न-उत्तर, ध्यानाकर्षण, कार्यसूची और अन्य विधायी दस्तावेज प्राप्त कर सकेंगे। सदस्यों को 28 से 30 अक्टूबर तक व्यवस्था संबंधी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह भी पढ़ें- रीवा की परमाणु और केन-बेतवा परियोजना के प्रभावितों का मुद्दा विधानसभा में उठाएगी कांग्रेस