
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। रीवा के रोझौही-सरई कला क्षेत्र में प्रस्तावित परमाणु और केन-बेतवा परियोजना के प्रभावितों का मुद्दा कांग्रेस विधायक दल विधानसभा में उठाएगा। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार मनमर्जी कर रही है। ग्रामीणों की सहमति के बिना काम किया जा रहा है। ग्रामसभा ने सहमति देने से मना कर दिया, इसके बाद भी अनापत्ति जारी काम किया जा रहा है।
मीडिया से चर्चा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ग्रामसभा ने तीन सितंबर 2026 को परमाणु परियोजना के सहमति देने से मना किया। इसके बाद भी 23 सितंबर को अनापत्ति जारी हुई। उन्होंने पूछा कि जब ग्रामसभा ने अनुमति नहीं दी, तो प्रशासन ने ड्रिलिंग की अनुमति किस आधार पर दे दी।
इसी तरह पन्ना में केन-बेतवा परियोजना से प्रभावित आदिवासी परिवारों को अभी तक न्याय नहीं मिला है, जबकि मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने विधानसभा के मानसून सत्र में एक माह में जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इन मामलों को विधानसभा के आगामी सत्र में उठाकर सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
नेता प्रतिपक्ष देवास जिले के ग्राम चंदाना पहुंचे और आरोप लगाया कि जहरीली शराब के कारण लोगों की मृत्यु हुई है। सरकार भले ही इससे इनकार करे मगर ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि शराब पीने के बाद ही मृत्यु हुई है। कांग्रेस विधायक दल प्रत्येक मृतक के स्वजन को 50,000 रुपये की सहायता दे रहा है। उन्होंने सरकार से प्रत्येक प्रभावित परिवार को 25-25 लाख रुपये की सहायता देने की मांग की।
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उधर, प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मध्य प्रदेश किसान कांग्रेस की प्रदेश स्तरीय समन्वय बैठक सोमवार को हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि संगठन का विस्तार ब्लाक, पंचायत और गांव स्तर तक किया जाएगा। प्रत्येक स्तर पर सक्रिय पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को नियुक्त कर उन्हें किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
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