नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। साइबर ठगी की शिकायत करने और बैंक व पुलिस को इसकी सूचना देने के करीब तीन साल बाद एक महिला को उसी विवादित क्रेडिट कार्ड राशि की वसूली के लिए तहसीलदार न्यायालय से नोटिस मिलने का मामला सामने आया है।
पटेल नगर, रायसेन रोड निवासी उमा साहू ने आईसीआईसीआइ बैंक पर सेवा में कमी का आरोप लगाते हुए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, भोपाल में शिकायत दायर की है।
महिला का आरोप है कि जिस क्रेडिट कार्ड से 86,917.01 रुपये के पांच अनधिकृत लेनदेन हुए थे, उन्हें उसने न तो किया और न ही इनके लिए कोई अनुमति दी। इसके बावजूद बाद में बैंक की ओर से बकाया राशि की वसूली की कार्रवाई की गई और उनका बैंक खाता भी कुर्क कर दिया गया।
3 जून 2023 को आया था लिंक वाला मैसेज
शिकायत के अनुसार, तीन जून 2023 को उमा साहू के मोबाइल पर 8088471132 नंबर से एक संदेश आया था, जिसमें एक लिंक था। संदेश खोलने के प्रयास में उन्होंने अनजाने में लिंक को स्पर्श कर दिया। इसके बाद उनके क्रेडिट कार्ड से पांच लेनदेन हुए, जिनकी कुल राशि 86,917.01 रुपये बताई गई है।
महिला का कहना है कि उन्होंने इनमें से कोई लेनदेन नहीं किया था और न ही उन्हें इन लेनदेन के लिए कोई एकमुश्त पासवर्ड मिला था।
बैंक को दी सूचना
लेनदेन की जानकारी मिलते ही उन्होंने आईसीआईसीआई बैंक को इसकी सूचना दी। बैंक की ओर से सेवा अनुरोध दर्ज किया गया। इसके बाद बैंक के निर्देश पर उन्होंने साइबर अपराध प्रकोष्ठ और पिपलानी थाने में भी शिकायत दर्ज कराई।
महिला का दावा है कि उन्होंने मामले की जांच में पूरा सहयोग किया और साइबर ठगी की घटना की जानकारी संबंधित संस्थाओं को तत्काल दे दी थी।
3 साल बाद आया वसूली का नोटिस
महिला के अनुसार, शिकायत और पुलिस व साइबर अपराध प्रकोष्ठ से संपर्क करने के बावजूद मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। तीन फरवरी 2026 को उन्हें तहसीलदार न्यायालय से नोटिस मिला। इसमें विवादित क्रेडिट कार्ड बकाया राशि की वसूली के लिए कार्रवाई शुरू किए जाने की जानकारी दी गई थी।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि बाद में उनका बैंक खाता भी कुर्क कर दिया गया। उमा साहू ने उपभोक्ता आयोग में कहा है कि जिस राशि को वह शुरू से ही अनधिकृत लेनदेन बता रही हैं, उसकी वसूली की कार्रवाई से उन्हें आर्थिक परेशानी के साथ मानसिक तनाव और परेशानी का सामना करना पड़ा।
बैंक की कार्रवाई पर उठाया सवाल
शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता शुभांक दीक्षित और अंकुर पांडे ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक के अनधिकृत इलेक्ट्रानिक बैंकिंग लेनदेन में ग्राहकों की सुरक्षा संबंधी प्रावधानों के तहत ग्राहक को ऐसे लेनदेन की सूचना तत्काल बैंक को देनी होती है।
उनका कहना है कि इस मामले में महिला ने उसी दिन बैंक को सूचना देने के साथ पुलिस और साइबर अपराध प्रकोष्ठ में भी शिकायत की थी।
महिला ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 35 के तहत आईसीआईसीआरई बैंक के क्रेडिट कार्ड विभाग और संबंधित भोपाल शाखा के खिलाफ शिकायत दायर की है।