
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। ‘जोहार’ अभिवादन पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में भोपाल में प्रदर्शन हुआ। इसी दौरान इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो में एक महिला कार्यकर्ता ड्यूटी पर तैनात पुलिस आरक्षक को थप्पड़ मारती दिखी। महिला ने कथित तौर पर पुलिस के डंडे से चेहरे पर चोट लगने की बात कही। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के नेतृत्व में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए कार्यकर्ता सेकंड स्टाप पर एकत्र हुए।
संगठन ने मिसरोद थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार और मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई तथा एफआईआर दर्ज करने की मांग की। इसके बाद रोशनपुरा चौराहे पर शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया।
संगठन के अनुसार, 13 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने टीआई पर बदसलूकी का आरोप लगाया था। ‘जोहार’ को लेकर कथित आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल पर आदिवासी समाज और विद्यार्थी संगठनों ने नाराजगी जताई।
प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प की स्थिति बनी। मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर संगठन ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। टीटीनगर टीआई गौरव सिंह ने बताया कि 40 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं में केस दर्ज किया गया और उन्हें हिरासत में लेकर शहर से बाहर ले जाया गया।
ज्ञापन में निजी स्कूलों और कालेजों की मनमानी फीस पर रोक, छात्रवृत्ति एवं आवास सहायता राशि बढ़ाकर चार हजार रुपये प्रतिमाह करने और शैक्षणिक सत्र समाप्त होने से पहले भुगतान की मांग की गई। छात्रसंघ चुनाव बहाल करने, लंबित नर्सिंग परीक्षाएं कराने, छात्रावासों में सीटें व सुविधाएं बढ़ाने, बस पास, रियायती गैस सिलेंडर और बेहतर डिजिटल अध्ययन सुविधाएं देने की मांगें भी शामिल हैं।
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गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन इंडिया ने आदिवासी विश्वविद्यालयों की स्थापना, विशेष पिछड़ी जनजातियों के विद्यार्थियों को निश्शुल्क शिक्षा और बालाघाट जिले में बैगा जनजाति के मृत बच्चों के स्वजनों को कम से कम 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग भी रखी।