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World AIDS Day: MP में एचआइवी का हाई अलर्ट... 40% नए मरीज 15 से 35 साल के युवा, 48,000 से ज्यादा लाइफलाइन पर

MP News: मध्य प्रदेश में एचआइवी-एड्स के विरुद्ध चल रही लड़ाई के बीच संक्रमण के आंकड़ों और खासकर युवाओं में जोखिम की दर ने चिंता बढ़ा दी है। राज्य में ...और पढ़ें

By Brijendra RishishwarEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sun, 30 Nov 2025 10:14:53 PM (IST)Updated Date: Sun, 30 Nov 2025 10:14:53 PM (IST)
World AIDS Day: MP में एचआइवी का हाई अलर्ट... 40% नए मरीज 15 से 35 साल के युवा, 48,000 से ज्यादा लाइफलाइन पर
MP में एचआइवी का हाई अलर्ट।

HighLights

  1. नशे का सिरिंज इस HIV संक्रमण का सबसे बड़ा स्रोत
  2. समलैंगिकता और असुरक्षित यौन संबंध भी बड़े कारण
  3. खासकर युवाओं में जोखिम की दर ने चिंता बढ़ा दी है

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश में एचआइवी-एड्स के विरुद्ध चल रही लड़ाई के बीच संक्रमण के आंकड़ों और खासकर युवाओं में जोखिम की दर ने चिंता बढ़ा दी है। राज्य में इस वक्त 48,487 एचआइवी संक्रमित मरीज लगातार एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी) की जीवनरक्षक दवा पर हैं, जिनका उपचार 34 विशेष एआरटी केंद्रों से किया जा रहा है।

आंकड़े बताते हैं कि राज्य में दर्ज संक्रमण के कुल मामलों में से 40 प्रतिशत केस 15 से 35 वर्ष के लोग हैं। पिछले तीन वित्तीय वर्षों में 17,000 से अधिक नए मरीज पंजीकृत हुए हैं। यानी हर साल 6,000 से 7,000 के बीच नए मरीज सामने आ रहे हैं। अकेले भोपाल शहर में साढ़े सात हजार मरीज छह एआरटी केंद्रों से नियमित दवा ले रहे हैं।


राज्य में उपचार पहुंच में सुधार हुआ

एमीएसएसीएस के सहायक निदेशक डॉ. महेंद्र जैन ने बताया कि राज्य में उपचार पहुंच में सुधार हुआ है। हालांकि, 306 मरीजों द्वारा इलाज बीच में छोड़ने और पिछले दो वर्षों में 694 मरीजों की मृत्यु दर्ज होना बड़ी चुनौती बनी हुई है।

सिरिंज शेयरिंग (नशा): 37.8%

मेल-टू-मेल सेक्स: 28.8%

असुरक्षित सेक्स (अन्य): 27.0%

मां से बच्चे में संक्रमण: 6.3%

एचआइवी से होने वाली मृत्यु

2023–24: 303

2024–25: 391

2025–26: 183

HIV मरीज क्या-क्या सावधानियां रखें?

एआरटी की दवा रोज समय पर लें

हर छह महीने में वायरल लोड और सीडी4 की जांच करवाएं

असुरक्षित संबंध न बनाएं

शराब, सिगरेट और नशीले पदार्थों से दूरी बनाएं

रक्तदान न करें

टीकाकरण समय पर करवाएं

पौष्टिक आहार और साफ पानी

तनाव कम रखें और सलाहकार से जुड़ें

साथी को जानकारी और टेस्ट कराने की सलाह दें।

यह भी पढ़ें- सोलर सिस्टम की ओर लोगों का रुझान बढ़ा, जेब पर बोझ घटा, बिजली बिल का भार हुआ कम

विशेषज्ञों ने क्या कहा?

एआरटी मेडिकल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. हेमंत वर्मा ने कहा कि एचआइवी पीड़ित को जल्दी उपचार कराने की जरूरत है। अगर मरीज नियमित उपचार लेता है तो वह 40 साल तक भी सामान्य जीवन जी सकता है। नियमित दवा लेने से संक्रमण फैलने का खतरा भी बहुत कम हो जाता है।