
नईदुनिया प्रतिनिधि, बुरहानपुर। शनिवार को चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। नगर निगम के भाजपा पार्षद गौरव शुक्ला ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने शनिवार दोपहर महापौर माधुरी पटेल के इंदिरा कॉलोनी स्थित निवास पहुंचकर इस्तीफा सौंपा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि नगर निगम के प्रभारी कार्यपालन यंत्री प्रेम कुमार साहू विकास कार्यों को लेकर उनके साथ न केवल भेदभाव करते हैं, बल्कि पूछे जाने पर बदतमीजी भी करते हैं। लंबे समय से अपमान के घूंट पी रहे थे। इस संबंध में कई बार महापौर और विधायक अर्चना चिटनिस से भी शिकायत की थी, लेकिन कार्यपालन यंत्री के व्यवहार में बदलाव नहीं आया, जिसके चलते उन्होंने इस्तीफा देना ही उचित समझा।
बता दें कि प्रेम कुमार साहू इससे पहले भी विवादों से घिरे रहे हैं। कई पार्षद उनके खिलाफ इसी तरह की शिकायत कर चुके हैं। बीते साल उन्हें निगमायुक्त संदीप श्रीवास्तव ने पद से भी हटा दिया था। कुछ माह तक उपयंत्री की तरह काम किया। इसके बाद राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर फिर से कार्यपालन यंत्री की कुर्सी हथिया ली थी। उल्लेखनीय है कि नगर निगम में भाजपा की ही महापौर हैं, बावजूद इसके सत्ताधारी दल के पार्षद के साथ अधिकारी का इस तरह व्यवहार करना कई सवालों को जन्म दे रहा है। हालांकि अभी महापौर माधुरी पटेल ने इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है।
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सरदार पटेल वार्ड से पार्षद गौरव शुक्ला ने बताया कि उनके वार्ड में 2024 में नाले की पाइप लाइन डाली गई थी, जिसके कारण पूरी सड़क खोद दी गई थी। तब से लगातार वे सड़क निर्माण का टेंडर लगाने और सड़क बनवाने का आग्रह कर रहे थे, लेकिन कार्यपालन यंत्री ने टेंडर जारी नहीं किए। दूसरी ओर बुधवार क्षेत्र में आठ माह पहले पाइप लाइन डालने के बाद सड़क का डामरीकरण करा दिया गया। उनके द्वारा इसी तरह से कई बार भेदभावपूर्ण व्यवहार किया गया। वार्ड में काम नहीं होने पर वार्ड के नागरिक पार्षद को भला-बुरा कहते हैं। यही वजह है कि उन्होंने इस्तीफा देने का निर्णय लिया।