
नईदुनिया प्रतिनिधि, श्योपुर। कूनो नेशनल पार्क से एक बार फिर सुकून देने वाली खबर सामने आई है। कूनो में मादा चीता गामिनी ने अपने चौथे शावक को जन्म दिया है। इस नए शावक के साथ ही देश में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 39 हो गई है। खास बात यह है कि यह जन्म बोत्सवाना से आठ चीतों के कूनो आगमन से ठीक एक दिन पहले हुआ है, जिससे कूनो में उत्साह और भरोसा दोनों दोगुना हो गया है।
इस खुशखबरी की जानकारी केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को फील्ड स्टाफ और पशु चिकित्सकों की गहन निगरानी के दौरान चौथे शावक की मौजूदगी की पुष्टि हुई। फिलहाल गामिनी और उसके चारों शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं और सामान्य रूप से विकसित हो रहे हैं।
गामिनी ने इससे पहले 18 फरवरी को तीन शावकों को जन्म दिया था। लगातार ट्रैकिंग, कैमरा मॉनिटरिंग और फील्ड स्टाफ की सतर्कता के चलते अब चौथे शावक की पुष्टि हो सकी। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक शुरुआती दिनों में शावक घने इलाके में रहता है, ऐसे में हर शावक की पुष्टि समय लेकर होती है। ग्राउंड टीम ने दूरी बनाए रखते हुए निगरानी की, ताकि मां और शावकों को किसी तरह का तनाव न हो। यही कारण है कि सभी शावक सुरक्षित और सक्रिय बताए जा रहे हैं।
कूनो में डबल खुशखबरी: बोत्सवाना से 8 चीतों के आगमन से ठीक पहले बढ़ा कुनो का कुनबा, गामिनी बनी 4 शावकों की मां, देश में चीतों की संख्या 39 हुई। pic.twitter.com/QhG5jxJ1de
— NaiDunia (@Nai_Dunia) February 27, 2026
कूनो के लिए यह सप्ताह बेहद अहम है। 28 फरवरी को बोत्सवाना से 8 चीते कूनो पहुंचने वाले हैं। यह विदेश से आने वाली तीसरी खेप होगी। इससे पहले नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से चीते भारत लाए जा चुके हैं।
गामिनी के चौथे शावक का जन्म इस अंतरराष्ट्रीय खेप से ठीक पहले होना, कूनो प्रबंधन और प्रोजेक्ट चीता की सफलता को और मजबूत करता है। ताजा आंकड़ों के अनुसार देश में मौजूद 39 चीतों में 28 शावक भारत में ही जन्मे हैं। यह साफ संकेत है कि कूनो का पर्यावरण, सुरक्षा व्यवस्था और वैज्ञानिक प्रबंधन चीतों के अनुकूल साबित हो रहा है।
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फील्ड स्टाफ 24 घंटे निगरानी में जुटा है। ड्रोन, कैमरा ट्रैप और पैदल ट्रैकिंग के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि लक्ष्य सिर्फ संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि चीतों को स्थायी और सुरक्षित भविष्य देना है।