
Ladli Behna Yojana: नईदुनिया प्रतिनिधि, बुरहानपुर । बहन और बेटियों के आगे बढ़े बिना प्रदेश और देश आगे नहीं बढ़ सकता। इसलिए मैं आज प्रतीक स्वरूप मंच से दो बहनों के चरण पखार रहा हूं, ताकि यह संदेश समाज के हर वर्ग तक जाए। आज बुरहानपुर में बहनों का भाई के लिए प्रेम देख कर भावुक हो गया। मैं वचन देता हूं कि बहनो तुम्हारे जीवन में अंधेरा नहीं रहने दूंगा। आज सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेश की 1.31 करोड़ बहनों के खाते में 1597 करोड़ रुपये डाल रहा हूं। छह दिन पहले खाते में राशि इसलिए डाल रहा हूं, क्योंकि दस तारीख तक आचार संहिता लग सकती है।
यह बात बुधवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रेणुका मंडी परिसर में आयोजित लाड़ली बहना सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। सीएम ने कहा कि अभी यह राशि बढ़ा कर तीन हजार तक ले जाऊंगा, लेकिन मैं यहीं नहीं ठहरूंगा। जब तक मध्यप्रदेश की हर बहन की मासिक आमदनी दस हजार तक नहीं कर देता मेरे कलेजे को ठंडक नहीं मिलेगी। घरेलू कामकाज के साथ दस हजार तक आमदनी बढ़ाना मेरा संकल्प है।
कार्यक्रम के दौरान मौजूद पचास हजार से ज्यादा महिलाओं ने मुख्यमंत्री की आरती उतारी और फूल बरसाए। जवाब में शिवराज सिंह चौहान ने भी रैंप से फूल बरसा कर बहनों के प्रति प्यार जताया।
बुरहानपुर को ये सौगातें मिलीं
मुख्यमंत्री ने मंच से कहा कि केला उत्पादक किसानों को पहली बार मैंने दो लाख रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा दिया है। उन्हें जल्द ही फसल बीमा योजना का लाभ भी मिलना शुरू हो जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। सिंधी समाज की जलाई गई दुकानों के बदले उन्हें नई दुकानें मिलेंगी। इसके लिए टेंडर जारी हो चुके हैं। राशि घटेगी तो मामा भरपाई करेगा। ताप्ती मेगा रीचार्ज परियोजना को जल्द मूर्त रूप दिया जाएगा। जिससे सिंचाई के लिए पानी की कमी नहीं होगी। इस दौरान प्रभारी मंत्री प्रेम सिंह पटेल, सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, महापौर माधुरी पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज लधवे, पूर्व मंत्री व प्रदेश प्रवक्ता अर्चना चिटनिस, पूर्व महापौर अनिल भोंसले, बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष द्रविंद्र मोरे सहित अन्य जनप्रतिनिधि मंच पर मौजूद थे। सभा में आने से पहले मुख्यमंत्री व सांसद ने 397 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन व लोकार्पण भी किया।
ईश्वर ने मुझे बहन, बेटियों को सशक्त बनाने के लिए भेजा
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने भाषण के दौरान कुछ देर के लिए भावुक हो गए। उनके रैंप पर पहुंचते ही कुछ महिलाओं ने समस्या बताने का प्रयास किया तो उन्होंने कहा कि अभी कोई बीच में न टोके। आज मेरी आत्मा मेरी बहनों से बात कर रही है। उन्होंने कहा कि जिस तरह ईश्वर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को वैभवशाली भारत के निर्माण के लिए बनाया है, उसी तरह मुझे बहन, बेटियों को सशक्त बनाने के लिए भेजा है। लोग कहते हैं कि मैं बहनों को मुफ्त में पैसा बांट रहा हूं। इतना पैसा कहां से आएगा। हां, मैं बहनों के खाते में रुपये दे रहा हूं, लेकिन यह मुफ्त नहीं उनका हक है। शिवराज सिंह ने महिलाओं से कहा कि इस साल हमने शराब दुकानों के अहाते बंद किए हैं। अगले साल से यदि पचास प्रतिशत बहनें लिख कर देंगी तो उस स्थान की शराब दुकान को मैं नहीं खुलने दूंगा।
मुट्ठी बंधवा कर दिलाया संकल्प
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान मंच से लाड़ली बहनों व पुरुषों से पूछा कि वे अच्छा काम कर रहे हैं या नहीं। इसके बाद उन्होंने महिलाओं को मुट्ठी बंधवा कर संकल्प दिलाया कि वे उनका साथ देंगी। इससे पहले सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने कहा कि यदि लाड़ली बहना योजना का लाभ आगे भी चाहिए तो प्रदेश में शिवराज सिंह की सरकार जरूरी है।
नहीं लिया पूजा दादू का नाम, अपनी उपलब्धियां गिनाईं
चंद रोज पहले भी भाजपा की युवा नेत्री और खकनार जनपद की अध्यक्ष पूजा दादू ने आत्महत्या की है। माना जा रहा था कि जिले में प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री शोक संतप्त परिवार को ढाढस बंधाने जाएंगे, लेकिन वे नहीं पहुंचे। पूरे कार्यक्रम के दौरान न तो उन्होंने पूजा का जिक्र किया और न ही दो मिनट का मौन रखकर उसे श्रद्धांजलि देने की औपचारिकता निभाई गई। इसके अलावा कार्यक्रम के दौरान पूरे समय मुख्यमंत्री सिर्फ अपनी और लाड़ली बहनों की बात करते रहे। उन्होंने सिर्फ एक बार भाजपा का नाम लिया। इसे लेकर भाजपा के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं में भी चर्चा रही।
अपने लिए जिये तो क्या जिये... pic.twitter.com/NBftIV5FEf
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) October 4, 2023
मेरी बहनों,
महिला सशक्तिकरण की आवाज हूँ
मैं शिवराज हूँ, मैं शिवराज हूँ...#शिवराज_की_बहनें pic.twitter.com/gHHmCwMbjX
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) October 4, 2023
आचार संहिता से पहले कार्यक्रम
उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव के लिए पांच अक्टूबर के बाद कभी भी आचार संहिता लग सकती है। इसलिए इस माह लाड़ली बहना योजना की राशि छह दिन पहले ही महिलाओं के खाते में डाली गई।
