
नईदुनिया प्रतिनिधि, बुरहानपुर। जिला मुख्यालय से करीब दस किमी दूर बिरोदा गांव में एकबार फिर तनाव की स्थिति बन गई है। इस बार अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा गांव के बाहर बने शिव मंदिर और खेतों की पाइप लाइन को क्षतिग्रस्त किए जाने के कारण यह स्थिति बनी है। अज्ञात बदमाशों ने मंदिर में स्थापित शिवलिंग को जिलहरी से निकाल कर फेंक दिया और मंदिर का कलश व अन्य सामग्री तोड़ दी।
शनिवार सुबह जब गांव की हिंदू महिलाएं पूजन करने मंदिर पहुंचीं तो वहां का नजारा देखकर हैरान रह गईं। उन्होंने ग्रामीणों को और ग्रामीणें ने लालबाग थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। इस दौरान बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग एकत्र हो गए थे। सूचना पाकर एडीएम वीरसिंह चौहान, एसडीएम अजमेर सिंह गौड़, सीएसपी गौरव पाटिल सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे।

उन्होंने एफएसएल, डाग स्क्वाड और साइबर सेल को भी मौके पर जांच के लिए बुलाया था। साथ ही गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। बता दें कि एक साल के अंदर बिरोदा गांव में तीसरी बार धार्मिक और सांप्रदायिक विवाद सामने आया है।

गांव के उप सरपंच प्रदीप महाजन का कहना है कि तीन दिन बाद गांव में सुख, शांति के लिए शांति यज्ञ कराया जाना था। जानबूझ कर धर्म विशेष के लोगों ने शुक्रवार रात यह घटना की है, ताकि वह धार्मिक अनुष्ठान नहीं हो पाए। हिंदू धर्म के हर त्योहार पर दूसरा पक्ष इसी तरह की घटनाएं करता आया है। पूर्व सरपंच उमाकांत चौधरी ने आरोप लगाया कि यह मुस्लिम समुदाय के युवकों का कृत्य है।
उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होने के कारण लगातार इस तरह की घटनाएं कर हिंदुओं की धर्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा रहे हैं। एडीएम वीरसिंह चौहान और सीएसपी गौरव पाटिल का कहना है हर एंगल से पड़ताल की जा रही है। दोषी पाए गए लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। शांति भंग करने और धार्मिक भावनाएं आहत करने का अधिकार किसी को नहीं है।
बिरोदा गांव के सुतारवाड़ी क्षेत्र स्थित एक प्राचीन चतबूतरे पर स्वामित्व को लेकर नवंबर 2024 में हिंदू और मुस्लिम पक्ष के बीच विवाद की शुरूआत हुई थी। हिंदू समाज इसे नवनाथ महाराज का स्थान मानकर पूजा करता था और मुस्लिम समाज के लोग पीर की मजार मान कर चादर चढ़ाते थे।
पूजा को लेकर दोनों पक्षों के बीच जमकर पथराव होने के बाद गांव काे छावनी बना दिया गया था। साथी प्रशासन ने विवाद समाप्त करने के लिए चबूतरे की फेंसिंग करा अपने आधिपत्य में ले लिया था।
बावजूद इसके मन में पनपी कटुता समाप्त नहीं हुई। गत सितंबर 2025 में गणेश विसर्जन के दौरान हनुमान चालीसा पाठ समाप्त होते ही हिंदू पक्ष पर पथराव कर दिया गया था। इसके बाद भी गांव को पुलिस ने छावनी बना दिया था। करीब दस दिन तक गांव में तनाव बना रहा था। अब शिव मंदिर में तोड़फोड़ से तनाव बना हुआ है।