
नईदुनिया प्रतिनिधि, छतरपुर। सनातन हिंदू एकता और सामाजिक जनजागृति के संदेश के साथ रविवार को बागेश्वर धाम से रथयात्रा का शुभारंभ हुआ। पीठाधीश्वर पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने गर्भगृह में बागेश्वर बालाजी का पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद संतों की मौजूदगी में ध्वजारोहण, राष्ट्रगान और सामूहिक हनुमान चालीसा के पाठ के साथ यात्रा रवाना हुई। करीब शाम 4:20 बजे यात्रा ने पन्ना जिले की सीमा में प्रवेश किया।
यात्रा में सबसे आगे भगवान बागेश्वर बालाजी का सुसज्जित रथ चल रहा है। इसके पीछे दूसरे रथ पर पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री श्रद्धालुओं को दर्शन दे रहे हैं। रथ के पीछे दोपहिया और चार पहिया वाहनों सहित बसों का लंबा काफिला चल रहा है। रास्ते में कई स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। बमीठा में राजनगर विधायक अरविंद पटेरिया ने भी स्वागत किया। कुछ स्थानों पर जेसीबी और क्रेन से फूल बरसाए गए।
यात्रा में कथावाचक इंद्रेश महाराज, हनुमानगढ़ी के राजू दास महाराज, मलूकपीठ के गंगादास महाराज, मौनी महाराज, राधेश्याम महाराज और देवी चित्रलेखा सहित कई संत शामिल हुए। संतों ने सनातन समाज से एकजुट होने का आह्वान किया।
पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य सनातन समाज को एक सूत्र में जोड़ना और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है। उन्होंने देश में शांति, सौहार्द और अनुशासन बनाए रखने पर जोर दिया। पांच दिनों में पांच जिलों से होकर करीब 500 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली इस यात्रा के दौरान सुरक्षा और यातायात के इंतजाम किए गए हैं।
हनुमान गढ़ी के संत राजूदास महाराज ने कहा- मैं पंडोखर सरकार से निवेदन करता हूं कि यात्रा का विरोध करना सही नहीं है। आप हिंदुओं को एक करने का काम करें। भारत को हिंदू राष्ट्र बनाइए।यात्रा की शुरूआत के दौरान राजूदास महाराज ने कहा कि दामोदर यादव नहीं, वे दामोदरुद्दीन हैं। उनके डीएनए में गड़बड़ी है। उनको न तो राष्ट्र से कुछ लेना है, न धर्म से। वे वामपंथी, कामपंथी और चामपंथी हैं।
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