Chhatarpur News छतरपुर। विकास की रफ्तार में प्रदेश के जिले तेजी से दौड़ रहे हैं लेकिन छतरपुर की सड़कों पर नजर आने वाली बदहाली जिम्मेदारों की व्यवस्था को बयां कर रहे हैं। शहर में किस तरह से विकास कार्य हुए हैं इसकी हकीकत दो दिन की बारिश ने बयां कर दी हैं। गड्ढों में तब्दील हुई सड़कों में पानी भर गया है कालोनियों में लंबे समय से सड़कें नहीं बनाई जा सकी है। जहां की बदहाली से होते हुए लोगों को आवागमन करना पड़ रहा है।
हाल यह है कि छतरपुर नगर पालिका के जिम्मेदार कागजों में तो योजनाएं बनाते रहे हैं, लेकिन उनको असल रूप नहीं दे सके हैं। अगर दिया होता तो शहर की कालोनियों में चकाचक सड़कें होती और गहरे गड्ढों के हिचकोले नहीं खाने पड़ते। देरी रोड, सटई रोड से लगी कालानियों की सड़कें, पठापुर रोड, चेतगिरी की सड़कें नहीं बनाई जा सकी है। जहां सड़कों पर गड्ढे और उखड़ती गिट्टी हालातों को बयां कर रही हैं।
नगर पालिका के अधिकतर वार्डों में सड़कें बदहाल हो गई हैं। जहां के स्थानीय निवासी सड़कों की मरम्मत कराए जाने की मांग करते रहे हैं। लेकिन नगर पालिका के जिम्मेदार आश्वासन तो देते हैं लेकिन काम नहीं हो पाता। अब कई जगहों पर बारिश का पानी भरा हुआ है। अगर तेज बारिश हो जाए तो पूरे शहर में जलभराव के हालात पैदा हो जाते हैं।
नगर पालिका क्षेत्र के वार्डों में कुछ निर्माण कार्य हो इसको लेकर करीब चार महीने पहले हुई परिषद की बैठक में सभी वार्डों के लिए 40-40 लाख रुपये के काम स्वीकृत किए गए थे। जिनमें कुछ कार्यों के टेंडर भी हो चुके हैं लेकिन अभी तक इन विकास कार्यों का काम शुरू होना फाइलों से बाहर नहीं निकल पाया। अब तीन दिन पहले ही फिर परिषद की बैठक हुई है। सभी वार्डों में निर्माण कार्य करने के लिए 40-40 लाख रुपये के कार्य कराने की तैयार की गई है। अगर पहली स्वीकृति के चलते निर्माण कार्य हो जाते या सीसी रोड़ डल जातीं तो शहर की तस्वीर बदलती।
नगर पालिका निर्माण कार्यों के ठेके ठेकेदार ले तो लेते हैं फिर अपनी मनमर्जी से ही कार्य करते हैं। पिछले कई निर्माण कार्य ऐसे हैं जिनके टेंडर हो चुके हैं लेकिन काम शुरू नहीं कराए जा सके। जब लेटलतीफी हुई तो नगर पालिका प्रबंधन ने ब्लैक लिस्टेड करने तक का मन बना लिया था पर मामला फाइलों और नगर पालिका प्रबंधन तक ही सिमटा रह गया।
जिन निर्माण कार्यों की स्वीकृति दी गई है जल्द उनके टेंडर कराए जाएंगे। जो पूर्व के निर्माण कार्य है जो शुरू नहीं हो सके हैं उसे लेकर ठेकेदारों की बैठक बुलाएंगे और उनको तय निर्देश दिए जाएंगे। जो विकास कार्य अटके पड़े हैं या शुरू नहीं हो सके हैं उनकी मानीटरिंग कराई जा रही है। -माधुरी शर्मा, सीएमओ, नगर पालिका, छतरपुर