
छतरपुर (नप्र)। महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, छतरपुर के तृतीय दीक्षा समारोह में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि माता-पिता बच्चों को बहुत कठिनाई से पढ़ाते हैं, इसलिए बच्चों को उनका हमेशा ध्यान रखना चाहिए। उनकी सेवा करने की प्रतिज्ञा विद्यार्थियों को लेनी होगी।
राज्यपाल ने कहा कि परिवार में किसी भी शुभ कार्य जैसे जन्मदिन, विवाह की सालगिरह जैसे शुभ अवसरों पर प्रत्येक सदस्य एक पौधा लगाएगा तो सभी सदस्यों के हिसाब से देश में पर्याप्त हरियाली हो जाएगी और क्लाइमेट चेंज जैसी समस्याओं से बहुत हद तक निजात मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि उपाधि लेकर आप किसी ने किसी सेवा में लग जाएंगे, वहां आप खुद के साथ दूसरों के बारे में भी सोचें, सहयोग करें।

समारोह में प्रख्यात मौसम विज्ञानी और साइक्लोनमैन के नाम से प्रसिद्ध डा. मृत्युंजय महापात्रा को डाक्टर आफ साइंस की मानद उपाधि से विभूषित किया। डा. महापात्रा ने कहा कि आज देश में यंग जनरेशन ज्यादा है, जो क्रिएटिव होते हैं। युवा पीढ़ी साइंस एंड टेक्नोलाजी को आसानी से ग्रहण कर लेती है। इस इनोवेटिव टीम को देश के विकास हेतु आगे आना चाहिए। डा महापात्रा ने डिजिटल इंडिया पर जोर देते हुए इसे अधिक से अधिक अपनाने की बात कही। 124 छात्र-छात्राओं को उपाधि एवं इनमें से सर्वोच्च अंक पाने वाले 38 छात्र छात्राओं को स्वर्ण पदक प्रदान किये गए।