समन के बाद भी पेश नहीं हुए एमसीबीयू के कुलसचिव, हाईकोर्ट ने जारी किया जमानती वारंट
महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलसचिव यशवंत सिंह पटेल की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
Publish Date: Wed, 28 Oct 2026 06:43:43 PM (IST)Updated Date: Wed, 28 Oct 2026 06:44:42 PM (IST)
HighLights
- कुलसचिव को दस्ती नोटिस तामील कराया जा चुका है
- कोर्ट के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा
- आदेश अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान दिया
नईदुनिया प्रतिनिधि, छतरपुर। महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलसचिव यशवंत सिंह पटेल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ ने न्यायालय के समन के बावजूद उपस्थित नहीं होने पर उनके खिलाफ 5 हजार रुपये का जमानती वारंट जारी किया है।
न्यायमूर्ति दीपक खोत की एकलपीठ ने यह आदेश अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान दिया। मामला शिवम स्वर्णकार एवं अन्य की ओर से दायर अवमानना याचिका CONC No. 6249/2026 से संबंधित है।
कुलसचिव को दस्ती नोटिस तामील कराया जा चुका है
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता सिद्धांत कोचर ने अदालत को बताया कि कुलसचिव को दस्ती नोटिस तामील कराया जा चुका है। इसके समर्थन में याचिकाकर्ता क्रमांक छह का शपथ-पत्र भी प्रस्तुत किया गया था। इसके बावजूद कुलसचिव अदालत में उपस्थित नहीं हुए और न ही उनकी ओर से कोई अधिवक्ता पेश हुआ।
कुलसचिव को कोर्ट के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा
न्यायालय ने अगली सुनवाई पर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जमानती वारंट जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर 2026 को होगी। इस दिन कुलसचिव को न्यायालय के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा।
हाईकोर्ट की इस कार्रवाई से विश्वविद्यालय के प्रशासनिक हलकों में मामला चर्चा का विषय बन गया है। अब अगली सुनवाई में कुलसचिव की उपस्थिति और अवमानना याचिका पर होने वाली कार्यवाही पर नजर रहेगी।
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