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छतरपुर में सरपंच का 'सियासी' खेल... पहले दान की जमीन, फिर कब्जा कर खुद करने लगे खेती

ग्राम पंचायत मटोधावेसन में ग्राम विकास के लिए सरपंच ने जमीन दान की। इसके बाद खुद ही कब्जा कर उसी जमीन पर खेती करने लगे। मामले को लेकर ग्रामीणों में भा...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Mon, 30 Mar 2026 06:52:16 PM (IST)Updated Date: Mon, 30 Mar 2026 06:52:16 PM (IST)
छतरपुर में सरपंच का 'सियासी' खेल... पहले दान की जमीन, फिर कब्जा कर खुद करने लगे खेती
पंचायत की जमीन पर सरपंच ने किया कब्जा। (AI से जेनरेट की गई इमेज)

HighLights

  1. पंचायत की जमीन पर सरपंच ने किया कब्जा
  2. ग्रामीणों ने मांगा हर्जाना-बेदखली की कार्रवाई
  3. ग्रामीणों ने तहसीलदार को सौंपा शिकायती ज्ञापन

नईदुनिया प्रतिनिधि, महाराजपुर। ग्राम पंचायत मटोधावेसन में ग्राम विकास के लिए सरपंच ने जमीन दान की। इसके बाद खुद ही कब्जा कर उसी जमीन पर खेती करने लगे। मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है जिसके बाद उन्होंने तहसीलदार को शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत मटोधावेसन में झिकमऊ, मटोधावेसन और दीवानजू का पुरवा गांव शामिल हैं।

जमीन दान करने वाले को ही सरपंच चुनने का वादा

सरपंच चुनाव के दौरान दीवानजू का पुरवा के ग्रामीणों ने शर्त रखी थी कि जो व्यक्ति ग्राम विकास के लिए एक एकड़ जमीन दान करेगा उसे ही सरपंच चुना जाएगा। वहीं, मटोधावेसन के ग्रामीणों ने मंदिर निर्माण कराने वाले प्रत्याशी के समर्थन की बात कही थी। ग्रामीणों के अनुसार दीवानजू का पुरवा निवासी हल्के भैया पटेल ने दोनों शर्तें पूरी कर सरपंच बन गए। सरपंच बनने के बाद उन्होंने विकास के लिए दान की गई जमीन पर ही कब्जा कर खेती शुरू कर दी।


सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज भूमि पर निजी लाभ के लिए खेती

ग्रामीणों का आरोप है कि खसरा क्रमांक 170, 172 एवं 173 में दर्ज कुल 0.2860 हेक्टेयर जमीन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के नाम दर्ज है जिसका संरक्षक ग्राम पंचायत सचिव को बनाया था। फिर भी सरपंच ने उस जमीन पर कब्जा कर खेती करने लगे और अभी वहां गेहूं की फसल खड़ी है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम विकास के लिए दान की गई जमीन पर विकास कार्य न करवाकर सरपंच उसका उपयोग निजी लाभ के लिए कर रहे हैं।

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मामले को लेकर ग्रामीणों ने तहसीलदार को शिकायत सौंपकर जमीन को सरपंच के कब्जे से मुक्त कर ग्राम विकास के लिए सुरक्षित रखें। साथ ही तीन-चार वर्षों से जमीन के उपयोग पर सरपंच से जुर्माना वसूलकर राशि ग्राम पंचायत में जमा करवाएं। मामले में अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।

सरपंच ने दान दी जमीन पर आंगनबाड़ी की बिल्डिंग बन गई है और समाज भवन का कार्य चल रहा है। शेष जमीन पर सरपंच ने जो फसल बोई गई हैं उसका टैक्स ग्राम पंचायत में जमा कराया जाएगा।- ब्रजमोहन पटेल, सचिव, ग्राम पंचायत मटोधावेसन