
नईदुनिया प्रतिनिधि, छतरपुर। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी सरकारी वेतन लेने के साथ ही सरकारी खजाने को लुटाने में लगे हैं। हाल में ही एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। इसमें करीब 25 करोड़ की सड़क का निर्माण कार्य कम कीमत पर करवाने के लिए बैच मिक्स प्लांट का नियम डाल दिया।
चौंकाने वाली बात तो यह है कि जिस टेंडर को पहले राम राजा कंस्ट्रक्शन को 19.20 करोड़ में नहीं दिया गया और फिर बाद में उसी को 22.08 करोड़ में दे दिया। एक ही काम को तीन करोड़ रुपए ज्यादा कीमत पर उसकी कंपनी को देने से लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं क्योंकि टेंडर के नियम इसलिए बदलते थे जिससे कम कीमत पर टेंडर लिया जा सके।
विशेष बात यह है कि बैच मिक्स प्लांट की अनिवार्यता के कारण छोटे ठेकेदारों को रेस से बाहर कर दिया। वहीं, आखिरी बार इस टेंडर में जिन लोगों ने उसमें हिस्सा भी लिया वह टेक्नीकल बिड में बाहर हो गए और सिर्फ राम राजा कंस्ट्रक्शन ही रह गई। इससे लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाया गया बैच मिक्स प्लांट की अनिवार्यता का नियम संदेह के घेरे में है।
जानकारी के अनुसार छतरपुर संभाग में 23 जुलाई 2015 में तीन सड़कें बनाने के लिए 18.82 और 6.20 करोड़ के दो टेंडर जारी किए गए थे। इसमें 18.82 करोड़ की सड़क बनाने 15.15 से 25.71 फीसदी कम और 6.20 करोड़ की सड़कों को बनाने 22.22 से 27.20 फीसदी कम रेट पर लेने के लिए टेंडर भरे गए।
सबसे कम रेट पर टेंडर भरने वाले ठेकेदार का दस्तावेज त्रुटिपूर्ण होने से टेंडर को निरस्त कर दिया। इसमें राम राजा कंस्ट्रक्शन कंपनी ने 23.23 फीसदी कम रेट पर टेंडर भरा था। इसके बाद दो बार और निकाले गए टेंडर विभिन्न कारणों से निरस्त कर दिए गए। चौथी बार निकाला गया टेंडर दोनों टेंडर को मिलाकर बनाया गया और 24.55 करोड़ का है। इससे 20 करोड़ से कम वाले ठेकेदार बाहर हो गए। उक्त टेंडर में 3 कंपनियों ने हिस्सा लिया लेकिन 2 कंपनियां टेक्नीकल शर्तें पूरी न कर पाने की वजह से बाहर कर दी गईं।

पहली बार में शक्ति मड़िया खजुराहो से रनेहाफाल तक 13 किमी की सड़क बनाने 18.82 करोड़ रुपए का टेंडर निकाला गया। वहीं, मुख्य मार्ग मउमसानिया के पहले धवाड़ महुच मार्ग की 3.90 किमी की सड़क और दोनी से गउवा पुरवा मार्ग की 2.2 किमी सड़क बनाने का टेंडर 6.20 करोड़ में निकाला गया। कुल 25.02 करोड़ का टेंडर निकाला गया था जिसे लेने के लिए राम राजा कंस्ट्रक्शन 23.23 फीसदी कम अर्थात कीमत से 5.82 करोड़ कम 19.20 करोड़ में टेंडर भरा था।
बाद में दोनों टेंडर को मिलाकर 24.55 करोड़ का टेंडर निकाला जिसमें राम राजा कंस्ट्रक्शन ने 10.08 फीसदी कम अर्थात 2.47 करोड़ कम 22.08 करोड़ में टेंडर भरा। इस टेंडर में अन्य दो लोगों ने टेक्नीकल शर्तें ही पूरी नहीं कर पाईं और बाहर हो गए। इस टेंडर में राम राजा कंस्ट्रक्शन ने टेक्नीकल बिड और फाइनेंशियल बिड को पूरा कर लिया। अब टेंडर स्वीकृति के लिए भोपाल भेजा गया है।
टेंडर का मिलाकर खोलने का उद्देश्य प्रतिस्पर्धा बढ़ाना होता है जिससे अधिक से अधिक ठेकेदार उसमें हिस्सा ले सकें और कम से कम कीमत पर काम करवाया जा सके। इससे सरकार को पैसों की बचत होती है। वहीं, बैच मिक्स प्लांट के जीएसटी के बिल को लेकर जो आरोप लग रहे हैं उसका वेरीफिकेशन हमने अनाया इंफ्रा सोल्यूशन लिया है।- आशीष भारती, कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग
बैच मिक्स प्लांट को लेकर जो नियम लाए हैं उसमें राम राजा कंस्ट्रक्शन कंपनी ने भी गलत इनवाइस लगाया है। लोक निर्माण विभाग छोटे ठेकेदारों को बाहर करने के लिए दोनों टेंडर को मिलाकर 20 करोड़ से अधिक का टेंडर निकाला। हमने मामले की शिकायत भोपाल स्थित लोक निर्माण विभाग के मुख्य सचिव से की है। यदि टेंडर निरस्त नहीं किया गया तो हम कोर्ट में जाएंगे।- आदित्य सिंह, अध्यक्ष, छतरपुर कांट्रेक्टर एसोसिएशन