
नईदुनिया प्रतिनिधि, छतरपुर। केन-बेतवा लिंक परियोजना प्रभावितों आदिवासी किसानों के प्रदर्शन खत्म करने के बीच यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता ढोड़न बांध स्थल पर जाने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान वन विभाग के अधिकारियों से उनकी तीखी नोंकझोंक हो गई।
बमीठा थाना पुलिस ने वन विभाग की शिकायत पर यूथ कांग्रेस के 50 से अधिक कार्यकर्ताओं पर शासकीय कार्य में बाधा और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस वीडियो के आधार पर आरोपितों की पहचान कर रही है। एक दर्जन से अधिक लोगों की पहचान हो गई है, लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।

जानकारी के अनुसार ढोड़न बांध निर्माण स्थल पर विस्थापितों की समस्याओं को लेकर आंदोलनकारी प्रदर्शन कर रहे थे। लगातार 12 दिन चले आंदोलन के बाद चिता आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया गया। इसी बीच यूथ कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार बड़ी संख्या में अपने कार्यकर्ताओं के साथ भूसोर गेट पर पहुंच गए और घटनास्थल पर जाने की कोशिश करने लगे।
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पन्ना टाइगर रिजर्व के वन परिक्षेत्र अधिकारी (चंद्रनगर) राजेंद्र कुमार सोलंकी ने उनको रोकने की कोशिश की लेकिन भीड़ अधिक होने की वजह से वह धक्का मारकर अंदर घुस गए। घटना स्थल पर पूर्व सांसद सत्यव्रत चतुर्वेदी की बेटी और कांग्रेस नेत्री निधि चतुर्वेदी भी मौजूद थीं। घटना की एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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बमीठा थाना प्रभारी टीआई बाल्मीक चौबे ने बताया कि पन्ना टाइगर रिजर्व के वन परिक्षेत्र अधिकारी राजेंद्र कुमार सोलंकी ने थाने में एक शिकायती आवेदन दिया था। जिसमें आरोप लगाया गया है कि अभिषेक परमार और 50 से अधिक लोगों ने भूसोर गेट पर तैनात कर्मचारियों के कार्य में बाधा डाली और शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।

पुलिस ने इस मामले में धारा 223, 132, 191(2), 190 बीएनएस 3(1) और लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। वहीं, एक दर्जन से अधिक लोगों की पहचान कर ली है और जल्द ही शेष लोगों की पहचान की जाएगी।