
नईदुनिया प्रतिनिधि, छिंदवाड़ा। जिले की राजनीतिक गलियारों में उस वक्त सनसनी फैल गई जब जिला पंचायत उपाध्यक्ष और प्रमुख भाजपा किसान नेता अमित सक्सेना ने पार्टी की प्राथमिक एवं सक्रिय सदस्यता से अपना त्यागपत्र सीधे भाजपा जिलाध्यक्ष को भेज दिया।
यह कदम पार्टी द्वारा अनुशासनहीनता का नोटिस दिए जाने और किसानों के मुद्दों पर निकाली गई रैली के बाद उठाया गया। छिंदवाड़ा जिले के किसानों की विभिन्न समस्याओं के त्वरित निराकरण की मांग को लेकर जनपद उपाध्यक्ष अमित सक्सेना ने एक विशाल किसान रैली 13 अक्टूबर को निकालकर जिला कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपने की रूपरेखा तैयार की थी।

इस बात की भनक लगते ही भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव ने किसान नेता अमित सक्सेना को अनुशासनहीनता का हवाला देते हुए 7 दिवसीय कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया था। साथ ही यह चेतावनी भी दी गई थी कि 13 अक्टूबर तक संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्हें पार्टी से निष्कासित किया जा सकता है।
नोटिस की परवाह किए बिना किसान नेता अमित सक्सेना ने किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विशाल किसान रैली निकाली और कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। इसके बाद आज अमित सक्सेना ने भाजपा की प्राथमिक और सक्रिय सदस्यता से अपना इस्तीफा भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव को भेज दिया है।
अपने त्यागपत्र में उन्होंने स्पष्ट रूप से पार्टी द्वारा दिए गए अनुशासनात्मक नोटिस से आहत होने का कारण दर्शाया है।गौर करने वाली बात यह है कि किसान नेता अमित सक्सेना पहले दिग्गज कांग्रेस नेता हुआ करते थे और किसानों के बीच उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। वे कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे, लेकिन अब पार्टी के भीतर उपजे इस घटनाक्रम के बाद उनका यह इस्तीफा जिले की राजनीति में चर्चा का एक बड़ा विषय बन गया है।
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