
नईदुनिया प्रतिनिधि, छिंदवाड़ा: नगर निगम क्षेत्र में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। निगम क्षेत्र के कुल 48 वार्डों में लगभग तीन लाख की आबादी निवास करती है, लेकिन हालात यह हैं कि फिल्टर प्लांट से शुद्ध होकर निकला पानी घरों के नलों तक पहुंचते-पहुंचते दूषित हो जा रहा है।
भूजल में फिलहाल दूषित पानी की समस्या नहीं है, लेकिन वर्षों पुरानी पाइपलाइनों में जगह-जगह लीकेज के कारण साफ पानी गंदा हो रहा है। शहर के वार्ड क्रमांक 39, 30, 29, 26 और 12 में लगातार गंदा पानी सप्लाई होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। नागरिकों ने कई बार जनप्रतिनिधियों से शिकायत की और आंदोलन भी किए, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका।
रामबाग और लालबाग क्षेत्रों में पीने के पानी की पाइपलाइन खुली नालियों और गटरों के बीच से गुजर रही हैं। सीवरेज और कचरे के ढेर के बीच से निकली ये लाइनें कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। कई पानी की टंकियां वर्षों से साफ नहीं हुई हैं, जिनकी सफाई अब शुरू की गई है।
ग्रामीण अंचलों में भी पेयजल संकट गहराया हुआ है। जिला मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर बांडाबोह गांव में करीब एक महीने से नल जल योजना बंद पड़ी है। गांव में नल और पानी की टंकी तैयार होने के बावजूद पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। एक साल से अधिक समय से ट्यूबवेल की मोटर खराब है।
इसके चलते ग्रामीण नहर और खुले कुओं का दूषित पानी पीने और घरेलू कार्यों में उपयोग करने को मजबूर हैं। गांव के पास स्थित तालाब से निकली नहर, जो खेतों की सिंचाई के लिए उपयोग होती है, उसी से पशुओं और घरेलू उपयोग के लिए पानी लिया जा रहा है। ग्रामीणों ने कई बार सरपंच से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
इनका कहना है
शहर में आधा दर्जन वार्डों में दूषित पानी सप्लाई हो रहा है, इसे लेकर हम लगातार आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अभी तक समस्या का हल नहीं हुआ। हम आने वाले दिनों में इसे लेकर आंदोलन करेंगे।
-हर्षा अंबर दाढ़े, नेता प्रतिपक्ष्र नगर निगम।
नगर निगम की टीम लगातार मैदान में सक्रिय है, हमें जहां भी शिकायत मिल रही है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है। शहर में कहीं भी दूषित पानी सप्लाई न हो ये सुनिश्चित किया जा रहा है।
-विक्रम अहके, महापौर, नगर निगम।