
नईदुनिया प्रतिनिधि, छिंदवाड़ा। भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने छिंदवाड़ा जिले के बिछुआ में कार्रवाई करते हुए वन विभाग के प्रभारी डिप्टी रेंजर को 3 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
आरोपी की पहचान 57 वर्षीय सुनील बनवारी के रूप में हुई है। आरोप है कि वह इमारती लकड़ी के विनिर्माता एवं उपभोक्ता पंजीयन की त्रैमासिक जानकारी पर हस्ताक्षर करने के एवज में रिश्वत मांग रहा था।
जानकारी के अनुसार बिछुआ निवासी मोखराम मालवीय के भाई लेखराम मालवीय के नाम से मध्य प्रदेश वन उपज व्यापार विनियमन अधिनियम, 1969 की धारा 11 के तहत इमारती लकड़ी के विनिर्माता एवं उपभोक्ता का पंजीयन दर्ज है।
फर्नीचर निर्माण के लिए अलग-अलग स्थानों से खरीदी जाने वाली इमारती लकड़ी की जानकारी हर तीन महीने में वन विभाग को देनी होती है। इस रिपोर्ट पर संबंधित अधिकारी के हस्ताक्षर आवश्यक होते हैं।
आरोप है कि इसी त्रैमासिक रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करने के बदले प्रभारी डिप्टी रेंजर सुनील बनवारी द्वारा 3 हजार रुपये की मांग की जा रही थी। शिकायतकर्ता के अनुसार रिश्वत नहीं देने पर पंजीयन रद्द करने की धमकी भी दी जा रही थी।
शिकायत मिलने के बाद जबलपुर लोकायुक्त इकाई ने सत्यापन कर ट्रैप की योजना बनाई। मंगलवार को तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता ने 3 हजार रुपये आरोपी को उसके वन परिक्षेत्र बिछुआ स्थित शासकीय आवास पर दिए। जैसे ही रिश्वत की राशि दी गई, पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने आरोपी को पकड़ लिया।
लोकायुक्त ने आरोपी सुनील बनवारी पिता स्व. बब्बू प्रसाद बनवारी, निवासी साउथ सिविल लाइन, चौकसे कॉलोनी, छिंदवाड़ा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7, 13(1)बी और 13(2) के तहत कार्रवाई शुरू की है।
ट्रैप कार्रवाई में निरीक्षक जितेंद्र यादव (टीएलओ), निरीक्षक राहुल गजभिए और लोकायुक्त जबलपुर इकाई का बल शामिल रहा। लोकायुक्त संगठन ने आमजन से अपील की है कि किसी शासकीय कार्य के एवज में रिश्वत मांगे जाने पर तत्काल शिकायत करें, ताकि नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
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