
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। दिल्ली में सीजेपी के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रही महिला कार्यकर्ता प्रीति लोन्धे के ट्रेन से उतारे जाने के मामले में उनकी सुरक्षित घर वापसी के बाद हाई कोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका निराकृत कर दी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को जानकारी दी गई कि प्रीति सुरक्षित घर पहुंच गई हैं।
दरअसल, प्रीति लोन्धे सहित करीब 15 सीजेपी कार्यकर्ता गोवा एक्सप्रेस से दिल्ली जा रहे थे। आरोप है कि इटारसी रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल ने उन्हें ट्रेन से उतार लिया था। इसके बाद प्रीति की स्थिति और ठिकाने को लेकर चिंता जताते हुए उनकी बहन ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी।
याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने प्रीति को कोर्ट के समक्ष पेश करने अथवा उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों से इस संबंध में जवाब भी मांगा था।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से प्रीति के सुरक्षित घर पहुंच जाने की जानकारी दी गई। इसके बाद हाई कोर्ट ने याचिका निराकृत कर दी।
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