स्कूली बच्चों को छोड़कर लौट रहे शराबी ने पुलिस की गाड़ी को मारी टक्कर, सीट बेल्ट ने बचाई डीएसपी, एएसआई की जान
टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहनों का अगला हिस्सा (इंजन और बोनट) पूरी तरह पिचक गया। पुलिस वाहन में डीएसपी ललित बैरागी और एएसआई वैरागी सवार थे। दोनों अ ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 13 Jan 2026 07:47:47 PM (IST)Updated Date: Tue, 13 Jan 2026 07:54:21 PM (IST)
टक्कर के बाद गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई।HighLights
- यह बोलेरो चालक शराब के नशे में पूरी तरह धुत था।
- इसके चलते गाड़ी अत्यधिक तेज गति से चला रहा था।
- नियंत्रण खोने के कारण उसने पुलिस वाहन ठोंक दिया।
छिंदवाड़ा। चाँद थाना क्षेत्र के कुलबेहर नदी के पुल पर एक भीषण सड़क हादसा होते-होते रह गया। एक तेज रफ्तार अनियंत्रित बोलेरो ने पुलिस के वाहन को सामने से सीधी टक्कर मार दी। गनीमत यह रही कि पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा मानकों का पालन किया था, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाहपुरा निवासी बोलेरो चालक शराब के नशे में पूरी तरह धुत था और वाहन को अत्यधिक तेज गति से चला रहा था। विचलित कर देने वाली बात यह है कि यह चालक स्कूली बच्चों को छोड़कर वापस लौट रहा था। पुल पर नियंत्रण खोने के कारण उसने सामने से आ रही पुलिस की गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी।
'सीट बेल्ट' बनी जीवन रक्षक
टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहनों का अगला हिस्सा (इंजन और बोनट) पूरी तरह पिचक गया। पुलिस वाहन में डीएसपी ललित बैरागी और एएसआई वैरागी सवार थे।
दोनों अधिकारियों ने सीट बेल्ट पहन रखी थी। एयरबैग्स और सीट बेल्ट के संयोजन ने उन्हें झटके से आगे टकराने से बचा लिया, जिससे उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई। बोलेरो चालक को भी मामूली चोटें आई हैं, जिसे हिरासत में ले लिया गया है।
इस घटना ने क्षेत्र में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। लोगों का कहना है कि जो चालक बच्चों को स्कूल छोड़ने की जिम्मेदारी निभाता है, उसका नशे में होना बेहद खतरनाक है। अगर यह हादसा बच्चों को ले जाते समय होता, तो परिणाम भयावह हो सकते थे।
यह हादसा एक बड़ा सबक है कि सीट बेल्ट केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि जान बचाने के लिए है। साथ ही, 'ड्रिंक एंड ड्राइव' के खिलाफ पुलिस अब और भी सख्त अभियान चलाने की तैयारी में है।
पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से पुल से हटाकर यातायात सुचारू कर दिया है। आरोपी चालक के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसकी मेडिकल जांच कराई जा रही है।