
नईदुनिया प्रतिनिधि, छिंदवाड़ा। जिले के सांवरी वन परिक्षेत्र अंतर्गत मुजावर माल गांव में मां- बेटे पर तेंदुए के हमले की घटना सामने आई है।
बकरियों को बांधकर लौट रही महिला पर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। मां की चीख सुनकर बेटा मौके पर पहुंचा और अपनी जान की परवाह किए बिना तेंदुए से भिड़ गया करीब 20 से 25 मिनट तक संघर्ष चला।
बेटे ने मां को तेंदुए के चंगुल से छुड़ा लिया। हमले में मां और बेटा दोनों घायल हो गए। जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बकरियों के बाड़े से लौट रही थी।
मुजावर माल गांव निवासी गीता बाई घर से करीब 100 मीटर दूर बने बाड़े में बकरियों को बांधने गई थीं। काम पूरा कर जब वह वापस लौट रही थीं, तभी अचानक तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया।
हमले के दौरान महिला की चीख सुनकर उनका बेटा सनोज तुरंत मौके पर पहुंचा और मां को बचाने तेंदुए से भिड़ा बेटा मौके पर पहुंचने पर सनोज ने देखा कि तेंदुए ने उसकी मां को दबोच रखा है
घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग का अमला भी अस्पताल पहुंचा मां ने बताई हमले की पूरी घटना घायल गीता बाई ने बताया कि वह बाड़े में बकरी बांधकर बाहर निकल ही रही थीं, तभी तेंदुए ने अचानक उन पर झपट्टा मार दिया। उनके चिल्लाने पर बेटा दौड़कर आया और तेंदुए से भिड़ गया।
सनोज ने साहस और मां के प्रति अपने प्रेम का परिचय देते हुए अपनी जान जोखिम में डालकर उनकी जान बचाई| घटना के बाद क्षेत्र में वन्यजीवों की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है।
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