
नईदुनिया प्रतिनिधि, छिंदवाड़ा। शादी का झांसा देकर अनुसूचित जाति की युवती का लंबे समय तक शोषण करने के आरोप में रिटायर्ड एसडीओपी के.के. वर्मा को शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया गया। अदालत ने आरोपित को जेल भेज दिया। सौंसर पुलिस ने युवती की शिकायत पर दुष्कर्म, अप्राकृतिक कृत्य, धमकी और एससी/एसटी एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।
सौंसर थाने में 20 अगस्त को दर्ज शिकायत के अनुसार, युवती ने बताया कि जून 2017 में उसके पिता के साथ हुई मारपीट के मामले की जांच तत्कालीन एसडीओपी केके वर्मा कर रहे थे। इसी दौरान जांच के सिलसिले में अधिकारी ने उसका मोबाइल नंबर लिया और बातचीत शुरू की।
युवती का आरोप है कि जुलाई 2017 में धमकी देकर एसडीओपी ने अपने शासकीय निवास पर उसके साथ जबरन संबंध बनाए। इसके बाद आरोपित का तबादला सिवनी और फिर भोपाल हो गया, लेकिन युवती के अनुसार संपर्क और शोषण का सिलसिला जारी रहा।
शिकायत के मुताबिक, आरोपित ने युवती को बताया कि वह अपनी पत्नी से करीब आठ साल से अलग रह रहा है और नौकरी पूरी होने के बाद उससे शादी करेगा। वर्ष 2021 में दोनों की सगाई भी हुई। पीड़िता के पास सगाई से संबंधित फोटो और वीडियो होने की बात शिकायत में कही गई है। युवती ने आरोप लगाया कि वर्ष 2018 से 2023 तक आरोपित ने शादी का भरोसा देकर उसका शोषण किया। शिकायत में अप्राकृतिक कृत्य किए जाने का आरोप भी लगाया गया है।
वर्ष 2023 में सेवानिवृत्त होने के बाद जब युवती ने शादी के लिए दबाव बनाया, तो आरोपित ने शादी से इनकार कर दिया। युवती ने आरोप लगाया कि इसके बाद उसे धमकी भी दी गई।
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पीड़िता की शिकायत के आधार पर सौंसर पुलिस ने के.के. वर्मा के खिलाफ बीएनएस/आईपीसी की धारा 376(2)(एन), 376(2)(एफ), 377, 506 तथा एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(w)(ii) और 3(2)(वी) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।