Chhindwara News: हिंदू राष्ट्र नहीं, रामराज्य की जरूरत : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
Chhindwara News: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने छिंदवाड़ा में कहा- कुछ लोगों ने धर्म को व्यापार से जोड़ दिया। ...और पढ़ें
By Nai Dunia News NetworkEdited By: Nai Dunia News Network
Publish Date: Thu, 25 May 2023 06:55:37 PM (IST)Updated Date: Thu, 25 May 2023 09:35:06 PM (IST)

Chhindwara News: छिंदवाड़ा (नवदुनिया प्रतिनिधि)। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने हिंदू राष्ट्र को लेकर उठ रही मांग के बीच एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि आज के समय में हिंदू राष्ट्र की नहीं, बल्कि राम राज्य की जरूरत है, क्योंकि हिंदू राष्ट्र में सिर्फ हिंदू को ही गिना जाएगा, लेकिन रामराज में सभी वर्गों को सामान्य रूप से न्याय मिल जाता है।
उन्होंने कहा कि रामराज में भगवान ने एक कुत्ते को भी न्याय दिया था और जरूरत पड़ने पर माता सीता का भी त्याग कर दिया था। हमें रामराज की जरूरत है, क्योंकि आज की जो राजनीति है वह ध्रुवीकरण की राजनीति चल रही है, इसमें हिंदू राष्ट्र की मांग करना सही नहीं होगा।
उन्होंने यह बात गुरुवार को पत्रकारों से चर्चा के दौरान कही। उन्होंने कहा है कि जगद्गुरु ब्रह्मलीन स्वामी स्वरूपानंद जी महाराज की जन्मभूमि छिंदवाड़ा है, यहीं उनकी दीक्षा हुई थी। हालांकि, आजादी के बाद भले ही सिवनी जिला अलग से गठित कर दिया हो, लेकिन छिंदवाड़ा जिला से ही जगद्गुरु शंकराचार्य ने अपनी सन्यासी यात्रा प्रारंभ की थी। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य केवल एक पद नहीं, बल्कि संपूर्ण सनातन धर्म को जोड़ने के आधार स्तंभ भी हैं।
अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है कि कुछ लोगों ने धर्म को व्यापार से जोड़ दिया है, बाद में जब उनकी पोल पट्टी खुल जाती है तो लोग धर्म से विमुख होने लगते हैं, इसलिए लोग धर्म पर ज्यादा विश्वास नहीं कर रहे हैं। हालांकि, कुछ कथाकार ऐसे भी हैं, जो धर्म का प्रचार कर रहे हैं आज के समय में यही सबसे सरल युक्ति है।
शंकराचार्य ने कहा कि भारत आजाद हुए 75 साल हो गए हैं, लेकिन आज तक हिंदुओं को अपने धर्म के बारे में पढ़ाने का अधिकार नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक बकायदा स्कूलों में अपने धर्म के बारे में जानकारी दे सकते हैं, लेकिन हम अपने स्कूलों में धर्म को नहीं पढ़ा सकते, जो कि सर्वथा उचित नहीं है, इसको लेकर हम आंदोलन करेंगे।