
नईदुनिया प्रतिनिधि, छिंदवाड़ा। जिले के कोयलांचल क्षेत्र की स्यालघोघरी स्थित खदान में एक मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान सुमेर पिता बृजलाल के रूप में हुई है।
स्यालघोघरी खदान उमरेठ से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित है और इसका संचालन बिरला समूह की आरसीसीपीएल प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जाता है। रात की शिफ्ट में सुमेर खदान के दो नंबर पिट में ड्रिलिंग का काम कर रहा था।
बताया जा रहा है कि अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। उसे सांस लेने में परेशानी महसूस हुई और वह खदान के भीतर लगे पंखे के पास जाकर खड़े होने का प्रयास करने लगा। इसी दौरान चक्कर आने से वह जमीन पर गिर पड़ा।
साथी मजदूरों ने उसे तत्काल व्हीलचेयर की मदद से खदान से बाहर निकाला और उपचार के लिए अस्पताल भेजा, लेकिन उसकी हालत गंभीर थी।
जिला अस्पताल छिंदवाड़ा में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। घटना के बाद मजदूर संगठनों ने खदान प्रबंधन पर सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाया है।
इंटक मजदूर संगठन का कहना है कि इससे पहले भी इसी खदान में दो महिला मजदूरों के बेहोश होने का मामला सामने आया था और प्रबंधन को वेंटिलेशन तथा ऑक्सीजन व्यवस्था को लेकर आगाह किया गया था। संगठन का आरोप है कि इसके बावजूद पर्याप्त सुधार नहीं किए गए।
मजदूर की मौत को लेकर परासिया विधायक सोहन वाल्मीकि ने भी नाराजगी जताई और खदान प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने मामले में जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद खदान की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है।
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