
नईदुनिया न्यूज, हटा । सागौन के पेड़ कटाई के मामले में 40 हजार रुपये की कथित अवैध मांग और पैसे नहीं देने पर गंभीर धाराओं में फंसाने की धमकी देने का मामला सामने आया है।
हटा थाने में पदस्थ एक सहायक उपनिरीक्षक एसआई पर लगे इन आरोपों के बीच करीब 23 मिनट का एक ऑडियो भी वायरल हुआ है।
बताया जा रहा है कि यह ऑडियो थाना में बातचीत के दौरान रिकाॅर्ड किया गया जिसमें एक महिला, पुरुष और पुलिस अधिकारी के बीच बातचीत सुनाई दे रही है।
मामले में ग्राम करिया पीपर थाना मगरोन निवासी मीनेश रैकवार ने पुलिस अधीक्षक दमोह को लिखित शिकायत देकर एसआई अरविंद राय के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत अनुसार सागौन के पेड़ काटने की शिकायत के आधार पर मीनेश और उसके पिता गोविंद रैकवार के खिलाफ हटा थाने में अपराध क्रमांक 179/2026 दर्ज किया गया है।
आवेदक का दावा है कि उसने इस मामले में 22 मई को ही कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर खुद को झूठा फंसाए जाने की बात कही थी।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि दो नवंबर को एसआई अरविंद राय ने फोन कर उसे और उसके पिता को थाने बुलाया। दोपहर करीब तीन बजे जब वे अपनी मां जयरानी और गांव के डब्बू रजक के साथ थाने पहुंचे तो सागौन की लकड़ी जब्त करने और मामले में कार्रवाई की बात कही गई।
कथित तौर पर 40 हजार रुपये की मांग की गई। पैसे नहीं देने पर छोटा मामला बनाने के बजाय गंभीर धाराओं में केस दर्ज करने और हाईकोर्ट से भी जमानत नहीं मिलने की धमकी देने का आरोप है।
शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि उससे और उसके पिता से कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए लेकिन यह नहीं बताया गया कि किस उद्देश्य से हस्ताक्षर लिए जा रहे हैं। पैसे देने से इनकार करने पर करीब तीन घंटे तक थाने में बैठाए रखने का आरोप भी लगाया गया है। आवेदक ने थाने के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग करते हुए अपनी मां और साथ गए व्यक्ति को घटना का प्रत्यक्षदर्शी बताया है।
अब इस पूरे मामले में 23 मिनट का वायरल ऑडियो जांच का अहम आधार बन सकता है, यदि ऑडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि होती है तो बातचीत से कथित मांग और दबाव बनाए जाने के आरोपों की पड़ताल में मदद मिल सकती है।
एसआई अरविंद राय का कहना है कि दोनों पर हटा थाना में प्रकरण दर्ज है दोनों को बुलाया गया था मेरे द्वारा कोई पैसे नहीं मांगे गए हैं।
यह भी पढ़ें- 'सुप्रीम' निर्देशों का हवाला, एमपी-एमएलए के मुकदमे वापस लेने की अर्जी पर HC ही करेगा फैसला