
नईदुनिया न्यूज, तेंदूखेड़ा। ब्लाक में जंगली जानवरों की मौजूदगी अब ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है।
वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी बड़े वन्यजीवों की निगरानी में जुटे रहते हैंं, लेकिन दूसरी ओर सियार जैसे छोटे वन्यजीव भी लोगों के लिए खतरा बन रहे हैं।
बीते दो दिनों में सियार के हमले की दो घटनाएं सामने आईं है, इनमें एक छह माह की मासूम बच्ची और एक बुजुर्ग घायल हुए हैं।
सियार के हमले की पहली घटना वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व की सर्रा रेंज के ग्राम दूधिया में गुरुवार सुबह करीब पांच बजे हुई। मां ने हिम्मत दिखाते हुए बच्ची को सियार के चंगुल से छुड़ा लिया।
इस दौरान सियार ने महिला पर भी हमला किया जिसके बाद वह मौके से भाग गया। घटना के बाद स्वजनों ने वन विभाग को सूचना दी।
सूचना मिलते ही वन अमला मौके पर पहुंचा और शासकीय वाहन से महिला तथा बच्ची को तेंदूखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। यहां उपचार के बाद चिकित्सक ने बच्ची को बेहतर उपचार के लिए जबलपुर रेफर करने की बात कही।
सपना पति सुनील पारदी ने बताया कि वह अपनी बच्ची के साथ सो रही थी। अचानक सियार बच्ची को उठाकर ले जाने लगा, उनकी आंख खुली तो उन्होंने बच्ची को बचाने के लिए सियार का सामना किया। इस दौरान सियार ने उन पर भी हमला कर दिया।
सियार के हमले की दूसरी घटना तेंदूखेड़ा वन परिक्षेत्र के ग्राम जरूआ में बुधवार रात हुई, यहां खेत में रखी कटी धान की फसल की रखवाली करने गए बुजुर्ग शंकर सिंह गौंड पर अचानक सियार ने हमला कर दिया।
हमले में उनके बाएं हाथ पर सियार के दांतों के गहरे निशान आए हैं। घटना के बाद घायल बुजुर्ग का उपचार कराया गया, वन विभाग के डिप्टी रेंजर भगवान दास सेन ने तत्काल मौके पर पहुंचकर बुजुर्ग को सहायता राशि के रूप में एक हजार रुपये प्रदान किए।
शंकर सिंह गौंड ने बताया कि वह ग्राम जरूआ के निवासी है और बुधवार रात खेत में रखी कटी धान की फसल की रखवाली कर रहे थे। इसी दौरान अचानक सियार ने उन पर हमला कर दिया, उपचार के बाद वह अपने गांव लौट गए।
तेंदूखेड़ा ब्लाक के कई गांव जंगलों से लगे हुए है, ऐसे में ग्रामीणों का खेतों और जंगल के आसपास आनाजाना लगा रहता है। फसल की रखवाली करने के लिए किसान रात में भी खेतों में जाते हैं, इसी दौरान जंगली जानवरों से सामना होने का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों का कहना है कि सियारों की बढ़ती गतिविधियों के कारण बच्चों, बुजुर्गों और खेतों में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है। लगातार सामने आ रही घटनाओं के बीच वन विभाग के सामने ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती है।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि विभाग सियारों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने के साथ ऐसे प्रभावी उपाय करेगा जिससे आबादी वाले क्षेत्रों में जंगली जानवरों की आवाजाही और हमलों की घटनाओं को रोका जा सके।
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