दमोह में 10 शासकीय स्कूलों से जातिसूचक शब्द हटाने का प्रशासनिक फैसला, ऐसा करने वाला मध्यप्रदेश का पहला जिला
दमोह जिले में शैक्षणिक और सामाजिक सुधार की दिशा में एक अहम फैसला लिया गया है। लंबे समय से उठ रही मांग के बाद जिले के 10 शासकीय स्कूलों के नामों से जात ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 12 Jan 2026 09:56:07 PM (IST)Updated Date: Mon, 12 Jan 2026 09:56:07 PM (IST)
प्रभारी मंत्री की मौजूदगी में बड़ा निर्णय,10 स्कूलों के नाम बदले गए। फाइल फोटोHighLights
- प्रभारी मंत्री की मौजूदगी में निर्देश जारी
- सभी शासकीय अभिलेखों में नए नाम लागू
- मध्यप्रदेश का पहला जिला बना दमोह
नईदुनिया प्रतिनिधि, दमोह: दमोह जिले में सामाजिक समरसता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिले के 10 शासकीय स्कूलों के नामों से जातिसूचक शब्द हटाए गए हैं। इस बदलाव की मांग लंबे समय से की जा रही थी, जिसे अब प्रशासनिक स्तर पर स्वीकृति मिल गई है।
जिला विकास सलाहकार समिति में उठा मुद्दा
यह विषय जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में सामने आया था। बैठक में प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार की उपस्थिति में कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने इस मुद्दे पर गंभीरता दिखाई और तत्काल जिला शिक्षा अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
जिला शिक्षा अधिकारी ने जारी किया आदेश
कलेक्टर के निर्देश के बाद जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा आधिकारिक आदेश जारी कर स्कूलों के नामों में परिवर्तन किया गया। आदेश के अनुसार अब संबंधित स्कूलों के संशोधित नाम ही सभी शासकीय दस्तावेजों में मान्य होंगे।
सभी अभिलेखों में लागू होंगे नए नाम
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी शासकीय अभिलेख, शैक्षणिक रजिस्टर, स्कूल बोर्ड, भवन लेखन और अन्य संबंधित दस्तावेजों में अब बदले हुए नाम ही अंकित किए जाएंगे। पुराने नामों का किसी भी स्तर पर उपयोग नहीं किया जाएगा।
मध्यप्रदेश में पहली बार हुआ ऐसा बदलाव
जिला परियोजना समन्वयक (DPC) महेंद्र द्विवेदी ने बताया कि दमोह मध्यप्रदेश का पहला जिला बन गया है, जहां एक साथ 10 शासकीय स्कूलों के नाम बदले गए हैं। उन्होंने कहा कि अब तक राज्य के किसी अन्य जिले में इस तरह का एकसाथ बदलाव नहीं किया गया था।
यह भी पढ़ें- MP के शिक्षकों के लिए बड़ी खबर, अप्रैल तक पूरी होगी तबादला प्रक्रिया, नए सत्र में पढ़ाई पर नहीं पड़ेगा कोई असर