
नईदुनिया प्रतिनिधि, दमोह। दमोह जिले में एक ही परिवार की समग्र आईडी से मिशन ट्रस्ट के बाल भवन के 105 बच्चों का पंजीयन पाया गया है। समग्र आईडी में हेराफेरी करके किए गए इस फर्जीवाड़े में मिशन ट्रस्ट से जुड़े संजीव लैबरर्ट को पुलिस ने धोखाधड़ी और मतांतरण के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल, आशंका है कि बच्चों का मतांतरण कराने की मंशा से ऐसा किया गया।
मामले में अभी भी पांच आरोपी फरार है। मामले की शिकायत के बाद कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के आदेश पर चार सदस्यीय जांच टीम ने जांच की। जांच में समग्र आईडी में हेराफेरी के आरोप सही पाए। इसके बाद वैधानिक कार्रवाई की गई। पुलिस ने संजीव लैबरर्ट को हिरासत में लेकर छह आरोपियों के विरुद्ध फर्जी दस्तावेज तैयार करने व उनका उपयोग करने की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।
इस फर्जीवाड़े के मामले में पांच अन्य आरोपित रामलाल कश्यप, प्रवीण पाल, जगदीश, पार्थ राजपूत और दिलीप फरार हैं। देहात थाना प्रभारी धर्मेंद्र उपाध्याय ने बताया कि इन बच्चों के जैविक माता-पिता के स्थान पर हेरफेर करके समग्र आईडी में उनके नाम एक ही परिवार के दर्शाए गए हैं। आरोपी संजीव लैंबरर्ट ने वर्ष 2016 में एक बालक का नाम अपने घर की समग्र आईडी में दर्ज कराया था।
आशंका जताई जा रही है कि ऐसा करके बालक का मतांतरण कराया गया है। पूछताछ के दौरान आरोपित ने बताया कि संबंधित बालक वर्तमान में छत्तीसगढ़ में रह रहा है। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि पुलिस टीम बताए गए पते पर जाकर पड़ताल करेगी। मतांतरण के आरोपों की सच्चाई बालक के बयान दर्ज होने के बाद ही पता चल पाएगी।
जांच में पाया गया है कि प्रवीण पाल की फैमिली आईडी 25385117 में एक बच्चे का रिश्ता गोद लिया दर्ज है। ऐसे कई आईडी मिले हैं, जिनमें बच्चों को गोद लिया दर्ज किया गया है। जांचकर्ता पता कर रहे हैं कि क्या बच्चों की पहचान में कथित हेरफेर, गोद लिए हुए या किसी मतांतरण गतिविधि के बीच कोई संबंध है।
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