
नईदुनिया प्रतिनिधि, दमोह। शहर के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में प्रार्थना के दौरान गर्ल्स हाॅस्टल में रहकर पढ़ाई करने वाली दो छात्राओं की अचानक तबीयत बिगड़ गई। दोनों को चक्कर आने लगे और एक छात्रा को उल्टी होने लगी।
आनन-फानन में स्कूल की शिक्षिकाएं और शिक्षक दोनों छात्राओं को उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां उन्हें भर्ती कराया गया। घटना के बाद छात्रावास की भोजन व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए है।
हिरदेपुरा निवासी अदिति चौरसिया और त्रिवेणी लोधी कक्षा 11वीं में गणित विषय की अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई कर रही है। दोनों छात्राएं छात्रावास में रहकर अध्ययन करती हैं।
छात्राओं ने बताया कि सुबह चाय के साथ टोस्ट नाश्ते में दिया गया था। इसके बाद सुबह करीब 10.30 बजे भोजन में मूंग की दाल, भटे की सब्जी और रोटी मिली थी। त्रिवेणी ने बताया कि उसने आधी रोटी ही खाई थी, इसके बाद स्कूल पहुंचने पर उसे चक्कर आने लगे और उल्टी हो गई। वहीं प्रार्थना के दौरान अदिति को भी चक्कर आने लगे।
जिला अस्पताल पहुंचे त्रिवेणी के पिता ने छात्रावास प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए कहा कि छात्रावास में न तो नियमित रूप से नाश्ता मिलता है और न ही भोजन निर्धारित मेनू के अनुसार दिया जाता है। भोजन की गुणवत्ता ठीक नहीं होने के कारण बच्चियां घर से टिफिन लेकर स्कूल जाती है।
छात्रावास में पानी की मोटर खराब होने के कारण करीब छह दिनों तक बच्चियां नहा नहीं पाई थीं। बाद में मोटर ठीक कराई गई, स्वजनों का कहना है कि छात्रावास में शिकायत करने पर छात्राओं को डांट-फटकार का सामना करना पड़ता है।
घटना के संबंध में छात्रावास की वाॅर्डन राजलक्ष्मी पाराशर ने बताया कि उन्हें छात्राओं की तबीयत खराब होने की जानकारी मिली है। हालांकि उस समय वह बैठक में थी। उन्होंने कहा कि छात्रावास पहुंचकर स्थिति का जायजा लेंगी।
दो छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ने की घटना ने छात्रावास में रहने वाली अन्य छात्राओं की भोजन व्यवस्था, स्वच्छता और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं पर भी ध्यान देने की जरूरत को सामने ला दिया है।
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