
Damoh News : नईदुनिया प्रतिनिधि, बनवार दमोह। जबेरा जनपद के ग्राम पारना में सिंचाई विभाग द्वारा करीब 18 करोड़ की लागत से तालाब निर्माण किया जा रहा है। जिसमें जंगल के पत्थरों और मुरम का धडल्ले से उपयोग ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है। हैरानी की बात यह जंगल के पत्थर और मुरम का बड़ी तादात में ठेकेदार द्वारा सिंचाई विभाग के एसडीओ की मौजूदगी में किया जा रहा है।
वन विभाग का अमला एसडीओ रेखा पटेल की मौजूदगी में जांच करने पहुंचा है और यह जांच सुबह 11 से शाम के पांच बजे तक होने के बाद भी एसडीओ रेखा पटेल ने फोन रिसीव नहीं किया। तालाब निर्माण में अवैध तरीके से जंगल की पत्थर और मुरम का कितना उपयोग किया वन विभाग के द्वारा कितनी जब्ति बनाई गई है और ठेकेदार के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।
18 करोड़ से बनने वाले इस तालाब की पिचिंग बनाने में अच्छी क्वालिटी की पत्थर लगाने का स्टीमेट है, लेकिन ठेकेदार के द्वारा घटिया जंगल से पत्थरों का उपयोग करके पिचिंग बनाई जा रही है जबकि तालाब निर्माण कार्य के लिये जंगल से पत्थर उठाने एवं मुरम निकासी करने की वन विभाग द्वारा कोई अनुमति देने का प्रावधान नहीं होता। ठेकेदार द्वारा जंगल से पत्थर एवं मुरम निकालकर तालाब निर्माण किया जा रहा है।
अब देखना होगा जंगल से अवैध उत्खनन करके बड़ी तादात में तालाब की पिचिंग बनाने के लिए पत्थरों का उपयोग किया गया है। अवैध उत्खनन करते हुए जंगल मुरम निकाली गई है, ग्रामीणों का आरोप है ठेकेदार द्वारा लंबे समय से जंगल के पत्थरों एवं मुरम का उपयोग तालाब निर्माण में किया जा रहा है।
डीएफओ महेंद्र सिंह उइके ने बताया कि पारना जलाशय निर्माण में जंगल के पत्थरों एवं मुरम का उपयोग ठेकेदार द्वारा किए जाने की सूचना पर एसडीओ रेखा पटेल की नेतृत्व फर्स्ट टीम को जांच के लिए भेजा गया है। अभी तक टीम द्वारा जांच रिपोर्ट नहीं भेजी गई, एसडीओ तेंदूखेड़ा एवं रेंजर नीरज पांडे तेजगढ़ को फोन लगाने पर फोन रिसीव नहीं किया गया।