
नईदुनिया न्यूज, तेंदूखेड़ा। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में इस वर्ष वन्यजीव प्रेमियों और सैलानियों के लिए बाघ-बाघिन का दीदार करना पहले की अपेक्षा आसान हो रहा है।
टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या में बढ़ोतरी को वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बाघों की मौजूदगी और उनकी सक्रियता के कारण यहां घूमने आने वाले सैलानियों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है।
पर्यटक जंगल सफारी के दौरान बाघ-बाघिन के दीदार के साथ अन्य वन्यजीवों और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले रहे हैं। जानकारी के लिये बता दे वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व देश का पहला टाइगर रिजर्व है जहां चीता और बाघ तेंदूखेड़ा जैसे मांसाहारी जानवर एक साथ रहवास बनाए हैं।
यहां वयस्क बाघों की संख्या 30 से ऊपर निकल चुकी है जबकि दर्जनों शावक ऐसे है जिनको अभी गणना में सम्मलित नहीं किया गया है, इसलिए इस वर्ष बाघ बाघिन और शावक टाइगर रिजर्व घूमने गया सैलानियों को आसानी से दिखाई देने लगे है।
प्रभारी डीएफओ बीपी तिवारी ने बताया टाइगर रिजर्व में अब बाघो की सख्या अच्छी हो गई है, पर्यटकों को भी अब जंगल सफारी के दौरान बाघो के दीदार होने लगे कई पर्यटकों ने यह जानकारी दी है।
सूत्रों की मानें तो एक अक्तूबर को खुले टाइगर रिजर्व में वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व भी है, उसके बाद सात अक्टूबर को यह नर मादा चीता छोड़े गए जो पूरी तरह स्वस्थ है। सैलानी भी एक अक्तूबर से ही टाइगर रिजर्व में पहुंच रहे हैं। सैलानियों ने उनके वीडियो अपने फोन में कैद किए।
बढ़ती बाघों की संख्या के साथ टाइगर रिजर्व में शाकाहारी जानवर की संख्या में भी वृद्धि हुई है नीलगाय, चीतल, हिरण, काला हिरण जैसे जानवर इस समय सागर मार्ग पर, आम राहगीरों को दिखाई देने लगे है। कई राहगीरों ने बताया मार्ग पार करते कभी कभी दिन में तो कभी रात्रि के समय ये शाकाहारी जानवर वाहनों के सामने से गुजरते रहते है।
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