
नईदुनिया प्रतिनिधि, दमोह। गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर गुरुवार को खेत व मेड़ों से होते हुए रेलवे पुल को पार कर करीब डेढ़ किमी पैदल चल कर ग्राम घटेरा तक चलना पड़ा। मुख्य सड़क तक पहुंचने के बाद भी एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंच सकी। महिला ने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दिया है।
ग्राम पंचायत खड़ेरा निवासी कुमकुम बाई (22) पत्नी सुदामा रैकवार खेत में रखवाली करती है। गुरुवार को प्रसव पीड़ा शुरू हुई, तो उस समय पति सुदामा रैकवार दमोह गए हुए थे। प्रसव पीड़ा बढ़ने पर पति ने एंबुलेंस को फोन किया तो कच्चा रास्ता होने के कारण चालक ने उन्हें मुख्य सड़क तक बुलवाया।
कुमकुम बाई की जेठानी देवकी बाई एक अन्य महिला को साथ लेकर सुबह करीब नौ बजे खेत से पैदल रवाना हुई। उन्होंने खेतों की मेड़ों से होते हुए घटेरा-ब्यारमा नदी पर बने रेलवे पुल को पैदल पार किया और मुख्य सड़क पर पहुंचीं। सड़क तक पहुंचने के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी।
इसी दौरान करीब 10 बजे महिला की प्रसव पीड़ा बढ़ गई और उसने सड़क किनारे बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंची और जच्चा-बच्चा को उपचार के लिए बांदकपुर के सरकारी अस्पताल में ले जाकर भर्ती कराया गया।