दतिया उपचुनाव: नरोत्तम मिश्रा और अवधेश नायक के समर्थकों पर टिकीं निगाहें, 30 जुलाई को मतदान और 3 अगस्त को परिणाम
दतिया विधानसभा सीट के उपचुनाव में मंगलवार शाम पांच बजे प्रचार का शोर थमने के बाद राजनीतिक दलों ने मतदाताओं को रिझाने के लिए घर-घर दस्तक अभियान में ताक...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 29 Jul 2026 08:20:36 PM (IST)Updated Date: Wed, 29 Jul 2026 08:20:36 PM (IST)
बीजेपी के आशुतोष तिवारी और कांग्रेस के घनश्याम सिंह में टक्करHighLights
- दतिया में 291 सेंटरों पर आज वोटिंग, 2.20 लाख वोटर चुनेंगे विधायक
- बीजेपी के आशुतोष तिवारी और कांग्रेस के घनश्याम सिंह में टक्कर
- शाम 5 बजे प्रचार थमा, 30 जुलाई को मतदान और 3 अगस्त को नतीजे
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। दतिया विधानसभा सीट के उपचुनाव में मंगलवार शाम पांच बजे प्रचार का शोर थमने के बाद राजनीतिक दलों ने मतदाताओं को रिझाने के लिए घर-घर दस्तक अभियान में ताकत झोंक दी है। इस चर्चित और हाई-प्रोफाइल सीट पर 30 जुलाई (गुरुवार) को मतदान होगा, जबकि मतगणना तीन अगस्त को होगी।
उल्लेखनीय है कि यह उपचुनाव कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को एक धोखाधड़ी के मामले में अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने और उनकी सदस्यता रद्द होने के कारण हो रहा है। भाजपा ने यहां पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा को टिकट न देकर संघ पृष्ठभूमि से आने वाले नए चेहरे आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने यहां से स्थानीय पूर्व राजपरिवार से ताल्लुक रखने वाले अनुभवी घनश्याम सिंह पर दांव लगाया है।
सूत्रों का कहना है कि अब सारा खेल भाजपा में नरोत्तम मिश्रा और कांग्रेस के अवधेश नायक पर टिक गया है, जिनके समर्थक जोर लगाएंगे, वही ढाई वर्ष के लिए विधायक बनेगा। भाजपा नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा भी शहर में नहीं थे। पार्टीजन का कहना था कि वह गुरु पूर्णिमा के पूजन के लिए बाहर गए हैं।
दतिया उपचुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर
दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव में गुरुवार को 291 मतदान केंद्रों पर कुल दो लाख 20 हजार 410 मतदाताओं को ढाई साल में ही दोबारा मताधिकार का उपयोग करने का मौका मिलेगा। पिछली बार इस सीट पर 79.26 प्रतिशत वोट पड़े थे। यहां भाजपा और कांग्रेस में सीधी टक्कर दिख रही है। भाजपा से आशुतोष तिवारी तो वहीं कांग्रेस से घनश्याम सिंह मैदान में हैं, तीसरे दल के रूप में आजाद समाज पार्टी से दामोदर यादव भी दम दिखा रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से जीते राजेंद्र भारती को बैंक एफडी धोखाधड़ी मामले में कोर्ट से तीन साल की सजा सुनाए जाने के बाद विधायकी से अयोग्य घोषित किया गया था। ऐसे में यहां चुनाव कराए जा रहे हैं।
भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी: संघ पृष्ठभूमि और संगठन का आधार
- भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी की पृष्ठभूमि संघ से जुड़ी है। वह लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहे। शिवराज सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा देते हुए मप्र हाउसिंग बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया था। दतिया निवासी आशुतोष पोस्ट ग्रेजुएट हैं। उन्होंने पार्टी में संभागीय संगठन मंत्री सहित कई अन्य जिम्मेदारी निभाई हैं।
- यह है मजबूती: पार्टी आलाकमान के अलावा सीएम सहित सरकार के सभी मंत्रीगण व विधायक चुनाव प्रचार में उतरे, जिससे बहुत जल्दी माहौल बना। वहीं प्रदेश में भाजपा की ही सरकार होने के कारण आमजन में यह धारणा है कि अगर भाजपा का ही नुमाइंदा चुनते हैं तो सरकार का ध्यान क्षेत्र के विकास कार्यों पर रहेगा।
- पहचान का संकट रहा, चुनाव चिह्न ही बना है सहारा: दतिया विधानसभा क्षेत्र में उनका चेहरा नया है। ऐसे में आम मतदाताओं के बीच उन्हें पहचान बनाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। ग्रामीण क्षेत्र के मतदाता भी उन्हें नए उम्मीदवार के रूप में देख रहे हैं। पहले यहां से विधायक रह चुके नरोत्तम मिश्रा दावेदारी करते हुए जनसंपर्क शुरू कर चुके थे। ऐन वक्त पर उन्हें टिकट नहीं मिला, इसका असर भी दिख सकता है।
कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह: पूर्व विधायक और पूर्व राजपरिवार का चेहरा
- कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह दतिया से वर्ष 1993 व 2003 में और सेवढ़ा से वर्ष 2018 में विधायक बने थे। दतिया से विधानसभा चुनाव भाजपा के डॉ. नरोत्तम मिश्रा से हारने के बाद उन्होंने फिर लगातार सेवढ़ा से ही विधानसभा चुनाव लड़ा। पोस्ट ग्रेजुएट घनश्याम सिंह दतिया के पूर्व राजपरिवार से हैं।
सौम्य छवि ने पहुंचाई मदद: दतिया विधानसभा में चिर परिचित चेहरा हैं। उनकी सौम्य छवि को स्थानीय नागरिकों में प्रभाव माना जाता है। चुनाव में भी वह इसकी दम पर दावेदारी पेश कर रहे हैं। भाजपा से डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कट जाने के बाद नाराज समर्थकों का साथ भी कांग्रेस को मिलने की आशा जता रहे हैं।
कांग्रेस को भीतरघात का डर: कई पार्टी नेता, प्रदेशाध्यक्ष या बड़े नेताओं के काफी दबाव के बाद नाममात्र की उपस्थिति दर्ज कराने प्रचार में उतरे। भीतरघात से नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी दामोदर सिंह भी वोट बैंक में सेंध लगा सकते हैं। पूर्व राजपरिवार के कुछ सदस्य भी विरोध कर रहे हैं। आमजन में राजा और रंक की लड़ाई की बात भी भाजपा पुरजोर तरीके से उठा रही है। 291 मतदान केंद्रों पर आज वोटिंग: मतदाता आंकड़े
दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर 30 जुलाई को विधानसभा के 291 मतदान केंद्रों पर कुल दो लाख 20 हजार 410 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें एक लाख 16 हजार 116 पुरुष व एक लाख चार हजार 284 महिला तथा 10 अन्य मतदाता शामिल हैं। चुनाव का परिणाम तीन अगस्त को घोषित किया जाएगा। पिछली बार इस सीट पर 79.26 प्रतिशत वोट डले थे।