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दतिया पर सबकी नजरें, उपचुनाव के 12 वर्षों का रिकॉर्ड बीजेपी के पक्ष में; क्या इस बार भी कायम रहेगा जीत का सिलसिला?

दतिया उपचुनाव के नतीजों पर सबकी नजर है। पिछले 12 वर्षों में मध्य प्रदेश के उपचुनावों में भाजपा का प्रदर्शन कांग्रेस से बेहतर रहा है। आज नया राजनीतिक स...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Mon, 03 Aug 2026 09:52:29 AM (IST)Updated Date: Mon, 03 Aug 2026 11:21:27 AM (IST)
दतिया पर सबकी नजरें, उपचुनाव के 12 वर्षों का रिकॉर्ड बीजेपी के पक्ष में; क्या इस बार भी कायम रहेगा जीत का सिलसिला?
बीजेपी के पक्ष में उपचुनाव के 12 वर्षों का रिकॉर्ड। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. 12 वर्षों में भाजपा का उपचुनावों में बेहतर प्रदर्शन रहा।
  2. 52 उपचुनावों में भाजपा का स्ट्राइक रेट 63 प्रतिशत रहा।
  3. कांग्रेस का कुल स्ट्राइक रेट लगभग 37 प्रतिशत दर्ज हुआ।

डिजिटल डेस्क। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव का परिणाम कुछ ही देर में सामने आने वाला है। इस चुनाव पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हैं, क्योंकि पिछले 12 वर्षों के उपचुनावों का रिकॉर्ड भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पक्ष में रहा है।

वर्ष 2014 से 2026 के बीच हुए विधानसभा और लोकसभा उपचुनावों के आंकड़े बताते हैं कि सत्ता में रहने वाली पार्टी को आमतौर पर बढ़त मिली है। हालांकि कई सीटों पर मतदाताओं ने दल से अधिक उम्मीदवार की लोकप्रियता को प्राथमिकता दी। ऐसे में दतिया का फैसला प्रदेश की राजनीति के लिए अहम संकेत माना जा रहा है।


12 साल में 52 उपचुनाव, बीजेपी का रहा बेहतर प्रदर्शन

  • वर्ष 2014 से 2026 के बीच मध्य प्रदेश में कुल 52 उपचुनाव हुए। इनमें 49 विधानसभा और तीन लोकसभा सीटों पर मतदान कराया गया। इन चुनावों में भाजपा ने विधानसभा की 31 और लोकसभा की दो सीटों पर जीत दर्ज की। इस तरह पार्टी का कुल स्ट्राइक रेट करीब 63 प्रतिशत रहा। वहीं कांग्रेस ने विधानसभा की 18 और लोकसभा की एक सीट जीतकर लगभग 37 प्रतिशत सफलता हासिल की।
  • राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उपचुनावों में अक्सर उसी दल को बढ़त मिलती है जिसकी प्रदेश में सरकार होती है। हालांकि कुछ सीटों पर स्थानीय समीकरण और उम्मीदवार की व्यक्तिगत छवि भी निर्णायक भूमिका निभाती है।

दल बदलकर भाजपा में आए विधायकों का भी रहा बेहतर रिकॉर्ड

उपचुनावों के दौरान कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए कई नेताओं ने भी जीत दर्ज की। ऐसे उम्मीदवारों का जीत प्रतिशत 70 प्रतिशत से अधिक रहा। इससे यह संकेत मिलता है कि सत्ता पक्ष का समर्थन और संगठनात्मक मजबूती उपचुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है।

वर्तमान विधानसभा का गणित भी बदलेगा

मध्य प्रदेश विधानसभा में फिलहाल भाजपा के 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 64 विधायक हैं। एक सीट भारत आदिवासी पार्टी के पास है। यदि दतिया सीट पर भाजपा जीत दर्ज करती है तो उसके विधायकों की संख्या बढ़कर 165 हो जाएगी। वहीं कांग्रेस की जीत होने पर उसके विधायकों की संख्या 65 हो जाएगी।

2014 से 2018 के बीच कैसा रहा प्रदर्शन

साल 2014 से 2018 के बीच प्रदेश में विधानसभा की 13 और लोकसभा की दो सीटों पर उपचुनाव हुए। विधानसभा की 13 सीटों में भाजपा ने आठ और कांग्रेस ने पांच सीटें जीतीं। इस दौरान भाजपा का स्ट्राइक रेट करीब 62 प्रतिशत रहा, जबकि कांग्रेस 38 प्रतिशत सीटें जीत सकी। लोकसभा की दो सीटों में दोनों दलों ने एक-एक सीट अपने नाम की।

यह भी पढ़ें- Datia Exit Poll 2026: एग्जिट पोल ने चौंकाया... पलटा दतिया उपचुनाव का सियासी गणित, बीजेपी को लग सकता है तगड़ा झटका

2019 से 2024 में भी भाजपा रही आगे

  • साल 2019 से 2024 के बीच मध्य प्रदेश में कुल 37 उपचुनाव हुए। इनमें विधानसभा की 36 और लोकसभा की एक सीट शामिल रही। भाजपा ने 23 विधानसभा और एक लोकसभा सीट पर जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस 13 विधानसभा सीटें जीत सकी। इस अवधि में भाजपा का स्ट्राइक रेट लगभग 64 प्रतिशत और कांग्रेस का 36 प्रतिशत रहा।
  • विशेष रूप से वर्ष 2020 में 28 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव प्रदेश की राजनीति के लिए निर्णायक साबित हुए थे। इन्हीं चुनावों के बाद मध्य प्रदेश की सत्ता का समीकरण बदल गया था।

दतिया पर टिकी राजनीतिक नजरें

दतिया उपचुनाव का परिणाम केवल एक सीट का फैसला नहीं होगा, बल्कि यह आने वाले समय में प्रदेश की राजनीतिक दिशा और जनमत का संकेत भी देगा। पिछले वर्षों के आंकड़े भाजपा के पक्ष में जरूर दिखाई देते हैं, लेकिन अंतिम फैसला मतदाताओं के वोट से ही तय होगा। ऐसे में सभी दलों और राजनीतिक विश्लेषकों की नजर अब परिणाम पर टिकी हुई है।