रामकथा सुनी तो लिखने लगीं किताब, मुस्लिम युवती राहत जहां अब उर्दू-हिंदी में बताएंगी रामचरित मानस की अनुभूति
दतिया की मुस्लिम शोधार्थी राहत जहां खानम रामकथा से प्रेरित होकर ‘कथा एक, राहत अनेक’ किताब लिख रही हैं। इसमें रामचरित मानस की अनुभूतियां उर्दू-हिंदी मे...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 01 Oct 2026 12:45:18 PM (IST)Updated Date: Thu, 01 Oct 2026 12:45:18 PM (IST)
मुस्लिम युवती राहत बताएंगी रामचरित मानस की अनुभूति। (नईदुनिया)HighLights
- राहत जहां खानम रामकथा से गहराई से प्रभावित हुईं।
- नौ दिवसीय रामकथा में उन्होंने लगातार कथा का श्रवण किया।
- अनुभवों से प्रेरित होकर ‘कथा एक, राहत अनेक’ लिखेंगी।
कुलदीप सक्सेना l नईदुनिया प्रतिनिधि, दतिया: रामकथा केवल एक धार्मिक कथा नहीं, बल्कि यह प्रेम और मानवता का संदेश देती है। इसी भावना ने दतिया के इंदरगढ़ निवासी मुस्लिम युवती राहत जहां खानम को रामचरित मानस की अनुभूतियों को उर्दू और हिंदी में किताब के रूप में लिखने के लिए प्रेरित किया।
दरअसल, मनोविज्ञान की शोधार्थी और लेखिका राहत ने 15 से 23 सितंबर तक आगरा में आयोजित मोरारी बापू की नौ दिवसीय रामकथा में भाग लिया और अंतिम दिन अपने अनुभवों को एक पत्र के रूप में व्यासपीठ पर मोरारी बापू को सौंपा, तो पंडाल में तालियां गूंज उठीं। राहत के अनुसार इसी प्रसंग में उनका मन बदल दिया।
लिख रही हैं ‘कथा एक, राहत अनेक’
- राहत ने बताया कि कथा के पहले दिन से ही उन्हें आत्मिक आनंद का अनुभव होने लगा। उन्होंने पूरे नौ दिन रामचरित मानस कथा का श्रवण किया और वहां हुई सकारात्मक अनुभूति से प्रेरित होकर वह अब किताब लिख रही हैं, जिसका नाम ‘कथा एक, राहत अनेक’ रखा है।
- इस पुस्तक में वह रामकथा से जुड़ी अपनी अनुभूतियों को गजलों और उर्दू-हिंदी शब्दावली के माध्यम से प्रस्तुत करेंगी। हाल ही में वह पीतांबरा पीठ पर दर्शन करने गई थीं। इससे पहले वह मां वैष्णोदेवी और कैलादेवी भी जा चुकी हैं। राहत के पिता सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी सुलेमान खान, मां गृहणी और भाई फिरोज खान बीएसएफ में है।
रामकथा का इतना असर कि हर रोज पढ़ती हैं चौपाई
- रामकथा का इतना गहरा असर हुआ कि राहत अब वेस्टर्न ड्रेस की जगह पारंपरिक पोशाक पहनने लगी हैं। वह रोज आाफिस में हनुमान चालीसा और रामचरित मानस की चौपाई पढ़ती हैं ताकि उसे समझकर किताब में उपयोग कर सकें।
- उनके आफिस में कुरान शरीफ के साथ हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरें भी लगी हैं, जिनकी वह रोज पूजा करती हैं। राहत का मानना है कि इंसान को अपने जीवन में चारों धर्मों के प्रमुख ग्रंथों का अध्ययन करना चाहिए, क्योंकि ये सभी ग्रंथ मानवता, प्रेम और सद्भाव का संदेश देते हैं।
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