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दतिया राजवंश की संपत्ति को लेकर विवाद ने लिया नया मोड़, MP हाईकोर्ट ने किलों की बिक्री पर लगाई रोक

दतिया राजवंश में संपत्ति को लेकर चल रहे कानूनी विवाद ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है। पिछले सात साल से यह विवाद राजवंश के सदस्यों के बीच चल रहा है।

By Kuldeep SaxenaEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Wed, 16 Sep 2026 07:07:36 PM (IST)Updated Date: Wed, 16 Sep 2026 07:07:36 PM (IST)
दतिया राजवंश की संपत्ति को लेकर विवाद ने लिया नया मोड़, MP हाईकोर्ट ने किलों की बिक्री पर लगाई रोक
दतिया राजवंश की संपत्ति को लेकर विवाद ने लिया नया मोड़

HighLights

  1. दतिया व सेवढ़ा किले की खरीद-फरोख्त पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
  2. राजपरिवार के सदस्यों के बीच 1600 करोड़ की संपत्ति पर विवाद
  3. विधायक घनश्याम सिंह बनाम चाची व भाई के बीच चल रहा है मुकदमा

नईदुनिया प्रतिनिधि, दतिया। दतिया राजवंश में संपत्ति को लेकर चल रहे कानूनी विवाद ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है। पिछले सात साल से यह विवाद राजवंश के सदस्यों के बीच चल रहा है। इस मामले में 15 सितंबर को हाईकोर्ट ने दतिया किले व सेवढ़ा किले सहित अन्य विवादित संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी।

राजपरिवार की सदस्य हेमलता सिंह और गिरिराज सिंह ने इस मामले में अप्रैल 2026 में हाईकोर्ट की शरण ली थी। जहां उनके वकील ने विवादित संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने की बात हाईकोर्ट के समक्ष रखी थी। जिसमें वकील अनुराज सक्सेना ने तर्क दिया था कि मुकदमे के दौरान संपत्तियां बेची गईं तो खरीदारों के भी अधिकार बनेंगे, फिर उन्हें भी मुकदमे में पक्षकार बनाना पड़ेगा। इससे मूल विवाद और उलझेगा। अपील में इसी आशंका के आधार पर संपत्तियों की बिक्री और तीसरे पक्ष के अधिकार बनाने से रोक की मांग उठाई गई थी।


गौरतलब है कि दतिया राजवंश में संपत्ति बंटवारे को लेकर दीवानी वाद 14 नवंबर 2019 से चल रहा है। जिसमें 24 मार्च 2026 को दतिया की अदालत ने अंतरिम राहत देने से इनकार किया था। लेकिन इसके बाद अप्रैल में याचिका हाईकोर्ट में लगाई गई। जहां फिलहाल रोक लगाने संबंधी आदेश दिया गया है।

कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह बनाम चाची और चचेरे भाई

दतिया राजपरिवार के संरक्षक वर्तमान कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह हैं। उनकी ही चाची हेमलता और चचेरे भाई गिरिराज सिंह, जो वर्तमान में लखनऊ स्थित खुर्शीद बाग में निवास करते हैं, ने राजवंश की संपत्ति में अपने हिस्से को लेकर यह वाद दायर कर रखा है।

बताया जाता है कि दतिया राजवंश की अनुमानित कुल 1600 करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर यह पूरा मामला है। इसमें दोनों पक्षों के बीच चार नवंबर 2020 को मारपीट और हमले को लेकर भी क्रॉस मामला दतिया कोतवाली में दर्ज हुआ था।

500 एकड़ कृषि भूमि और सेवढ़ा किला भी विवाद में शामिल

दतिया राजवंश का किला लगभग 55 बीघा में फैला हुआ है। यह शहर के बीचों-बीच में है। इसकी अनुमानित लागत भी 500 से 700 करोड़ रुपये से कम नहीं है।

इसी तरह दतिया राजवंश की एक और संपत्ति सेवढ़ा में किला और कृषि भूमि है। यह किला भी लगभग 70 एकड़ में फैला हुआ है। दोनों ही परिवार इसे अपने हक का मान रहे हैं। इसके अलावा लगभग 500 एकड़ कृषि भूमि भी राजपरिवार की संपत्ति बताई जाती है।

2019 में न्यायालय पहुंचा राजवंश संपत्ति का विवाद

राजवंश संपत्ति का मामला 2019 में न्यायालय पहुंचा था। बताया जाता है कि यह विवाद उस समय पैदा हुआ था, जब दतिया महाराज बलभद्र सिंह के सबसे छोटे बेटे केसर सिंह के पुत्र गिरिराज सिंह ने राजवंश की संपत्ति से अपने हिस्से की मांग की थी।

बताया जाता है कि उनके पास दतिया के समीप लगभग 100 एकड़ जमीन थी। इस कृषि भूमि की पैदावार वही लेते थे, किंतु बाद में कुछ विवाद के चलते, यह संपत्ति भी विवादित हो गई। इसके बाद महारानी हेमलता और गिरिराज सिंह ने बंटवारा अधिनियम के तहत कोर्ट में अपना हिस्सा लेने के लिए वाद दायर किया।

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