
सत्येंद्रसिंह राठौर, नईदुनिया, देवास। एबी राेड स्थित टोंककला में जिस पटाखा फैक्टरी में गुरुवार सुबह विस्फोट हुआ, पांच श्रमिकों की जान चली गई, चार से पांच की जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। कई अन्य का भी उपचार चल रहा है, उसके कर्ता-धर्ताओं की फैक्टरी कुछ साल पहले हिमाचल प्रदेश में संचालित हो रही थी। वहां भी कुछ छुटपुट अप्रिय घटनाएं वहां भी हुई थी।
बाद में स्थानीय लाेगों के विरोध के चलते फैक्टरी को बंद कर दिया गया था। इस फैक्टरी को चलाने वाले मालिक दिल्ली, हरियाणा से जुड़े हुए हैं। हिमाचल प्रदेश में फैक्टरी बंद होने के बाद इसे देवास में कुछ स्थानीय प्रभावशाली लोगों के माध्यम से खुलवाने की प्रक्रिया पिछले साल शुरू की गई। यहां काफी संख्या में ऐसे श्रमिक हैं जो पूर्व में हिमाचल प्रदेश की फैक्टरी में भी काम कर चुके हैं। अनिल मालवीय तो सिर्फ मोहरा है, कंपनी के असली मालिक दूसरे लोग हैं। यह खुलासा हादसे में मामूली रूप से घायल हुए श्रमिकों ने नईदुनिया से बातचीत में किया।
बिहार के सुपौल जिले के निवासी श्रमिक शशिकुमार पासवान ने बताया टोंककला की पटाखा फैक्टरी के मालिकों की कुछ साल पहले हिमाचल प्रदेश में थी। वहां मैंने करीब 12 हजार रुपये प्रतिमाह के वेतन पर काम किया था। वहां कंपनी बंद होने के बाद बेरोजगार हो गए थे। इधर-उधर काम करते रहे, इसके बाद पता चला कि मप्र में देवास जिले में पटाखा फैक्टरी शुरू हुई है, जो साथी पूर्व में हिमाचल प्रदेश में काम कर चुके थे, उनके संपर्क किया तो देवास में फैक्टरी शुरू होने का पता चला, इसके बाद तीन माह पहले यहां आए। आठ घंटे का वेतन 15 हजार है, आेवरटाइम करके एक माह में करीब 25 हजार रुपये तक मिल जाते हैं।
टोंककला पटाखा फैक्टरी में काम करने वाले बिहार के अररिया जिले के नरपतगंज क्षेत्र के निवासी मनीष कुमार मंडल ने बताया करीब चार पहले उन्होंने हिमाचल प्रदेश में महलोक क्षेत्र में पटाखा फैक्टरी में काम किया था जो बाद में बंद हो गई थी। इसके बाद पता चला कि हिमाचल प्रदेश में फैक्टरी संचालित करने वालों ने मप्र के देवास में फैक्टरी शुरू की है, इसके बाद यहां आया। यहां करीब पांच महीने पहले आए थे, 16 हजार रुपये वेतन मिलता है। हादसे में मेरा भाई अंकित मंडल व रिश्तेदार विशाल कुमार मंडल घायल हुए हैं, एक को इंदौर व दूसरे को देवास के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, वो झुलसे नहीं है लेकिन दोनों के सिर में घाव हैं।
श्रमिकों से पूछताछ में यह पता चला है कि कुछ साल पहले कई श्रमिक हिमाचल प्रदेश में शिमला क्षेत्र में किसी पटाखा फैक्टरी में काम करते थे। वह फैक्टरी किसकी थी, क्या उनका देवास की पटाखा फैक्टरी से कोई संबंध है, इसके बारे अभी कुछ सामने नहीं आया है। बिहार के अधिकांश श्रमिक अररिया जिले के निवासी आजास खान व उसके कुछ साथियों के माध्यम से देवास आए थे। फैक्टरी मालिक अनिल मालवीय निवासी पीपलरावां व आजास पर रासुका की भी कार्रवाई की गई है। पूछताछ में यदि फैक्टरी के अन्य मालिकों के बारे में कोई जानकारी सामने आती है तो इस बिंदु को भी जांच में शामिल किया जाएगा। -जयवीर सिंह भदौरिया, एएसपी देवास