नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास। देवास जिले के टोंककलां में गुरुवार को पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके के बाद जिम्मेदारों की चुप्पी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पटवारी, संबंधित पंचायत, थाना, तहसीलदार, एसडीएम से लेकर उच्च अधिकारियों तक सभी जांच के निष्कर्ष का इंतजार कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, फैक्ट्री को सभी आवश्यक लाइसेंस और एनओसी प्राप्त थे, लेकिन कारखाना पंजीकरण में गड़बड़ी के बावजूद जिम्मेदारों ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस बीच, पोस्ट ब्लास्ट इन्वेस्टिगेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने जांच शुरू करते हुए कहा कि अब सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। प्रारंभिक जांच में फैक्ट्री संचालन में गंभीर लापरवाही सामने आई है। विस्फोटकों के गलत तरीके से मिश्रण करने से विस्फोट की संभावना पर जांच की जा रही है।
शुक्रवार को एक एफएसएल विशेषज्ञ ने फैक्ट्री में कई घंटे तक जांच की। इसके अलावा, एसपी पुनीत गेहलोद ने भी मौके का दौरा किया और औद्योगिक सुरक्षा, बिजली, प्रदूषण नियंत्रण विभाग सहित अन्य विभागों की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। धमाके के बाद फैक्ट्री को सील कर दिया गया है। किसी भी बाहरी व्यक्ति या मीडिया का प्रवेश वर्जित कर दिया गया है। शुक्रवार सुबह कलेक्टर द्वारा गठित दल के सदस्य भी फैक्ट्री पहुंचे और जांच शुरू की।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि फैक्ट्री का कारखाना पंजीकरण नहीं था। इसके लिए अलग से कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। इसके अलावा, फैक्ट्री में कुछ नाबालिगों के काम करने का भी खुलासा हुआ है, जिस पर चाइल्ड लाइन और श्रम विभाग कार्रवाई कर सकते हैं। यह भी सामने आया है कि फैक्ट्री में काम करने वाले श्रमिक लगभग दो किमी दूर जयदेव वेयर हाउस के शेड में रह रहे थे।
अधिकांश श्रमिक 18 से 25 वर्ष के थे
अधिकांश श्रमिक 18 से 25 वर्ष के थे और विस्फोटक के काम के लिए प्रशिक्षित नहीं थे। जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री में निर्माण और भंडारण का लाइसेंस था, जिसे छह मई को आनलाइन रिन्यू(नवीनीकरण) किया गया था। फैक्ट्री को 15 किलो एक ही समय में मिक्सिंग और 600 किलो विस्फोटक का लाइसेंस प्राप्त था, लेकिन भंडारण की सही जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है। एसपी गेहलोद ने बताया कि जब्ती की कार्रवाई चल रही है, जिसका वजन और वीडियोग्राफी की जाएगी। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि फैक्ट्री में भारी मात्रा में विस्फोटक था।
मृतकों के पते भी पूरे नहीं मिले
प्रकरण में आरोपित फैक्ट्री संचालक अनिल मालवीय निवासी पीपलरावां, मोहम्मद एजास निवासी बिहार को भेरूगढ़ जेल भेज दिया गया है। महेश सिंह निवासी उत्तराखंड, भूपेंद्र मंडल निवासी बिहार दोनों फरार बताए गए हैं। दिल्ली निवासी एक अन्य व्यक्ति की तलाश भी पुलिस कर रही है। हादसे के मृतक धीरज पुत्र बग्गीराम पासवान निवासी भवानीपुर थाना पुलखा जिला अररिया बिहार, सुमित निवासी गोखलपुर जिला अररिया बिहार, सनी निवासी लखनऊ उत्तरप्रदेश के मृतक अमर जाटव और गुड्डू के पते शाम तक प्रशासन को नहीं मिले हैं। हादसे के बाद, जिन श्रमिकों को अस्पताल में भर्ती किया गया, उनमें से कुछ ने अपने दो साथियों के लापता होने की जानकारी दी। इधर, हादसे में घायल एक अन्य श्रमिक की मौत की पुष्टि हुई है।
भौतिक, रासायनिक व डीएनए जांच
जिन आरोपितों को जेल भेजा है, उनका जल्द पुलिस रिमांड लेकर पूछताछ की जाएगी। एफएसएल भौतिक, रासायनिक और डीएनए वैज्ञानिकों के संयुक्त दल ने दिनभर घटनास्थल का निरीक्षण किया। सैंपल भी लिए, जिनकी रिपोर्ट आने पर जांच आगे बढ़ेगी। विवेचना की दैनिक समीक्षा, वैज्ञानिक ढंग से साक्ष्यों का संकलन और जब्त विस्फोटक सामग्री का सुरक्षा उपायों के साथ निस्तारण करने के लिए एएसपी को निर्देशित किया गया है। - पुनीत गेहलोद, एसपी देवास
गलत मिक्सिंग के कारण हुआ विस्फोट
प्रारंभिक जांच में संचालन में गलती के कारण हादसा होने की बात जांच में सामने आई है। फैक्ट्री में विस्फोटक की गलत मिक्सिंग के कारण विस्फोट हुआ। आवश्यक नियमों का पालन भी नहीं किया गया। एफएसएल ने सैंपल लिया है और राज्यस्तरीय प्रदूषण बोर्ड की जांच जारी है। सभी विभागों की रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। फैक्ट्री के लाइसेंस थे, जिनकी शर्तों का उल्लंघन हुआ है। - ऋतुराज सिंह, कलेक्टर देवास