
नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास : चंदाना शराब कांड में कलेक्टर ने आबकारी विभाग के आरक्षकों पर कार्रवाई की है। पहले आबकारी अधिकारी बसंती भूरिया, सहायक जिला आबकारी अधिकारी निलेश पवार और उपनिरीक्षक राजश्री खन्ना को निलंबित किया गया था। अब कलेक्टर नेहा मीना ने आबकारी वृत्त देवास (स) में पदस्थ तीन आरक्षकों को भी निलंबित कर दिया है।
निलंबित कर्मचारियों में दीपक टटवाड़े, बालकृष्ण जायसवाल और गजेंद्र सिंह चौहान शामिल हैं। तीनों पर चंदाना क्षेत्र में निगरानी की जिम्मेदारी थी। अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर नियंत्रण नहीं रखने तथा कर्तव्य में लापरवाही के चलते कार्रवाई की गई है।
इधर पुलिस टीम चंदाना कांड में शराब बनाने से लेकर उसमें इस्तेमाल सामग्री जुटाने तक की कड़ियां खंगाल रही है। बुधवार को पुलिस ने आरोपित अजय राठौर, अमन कासलीवाल और रमाकांत मिश्रा को न्यायालय में पेश किया। अजय पर नकली शराब बनाने, अमन पर मेथेनाल उपलब्ध कराने और रमाकांत पर शराब के ढक्कन मुहैया कराने का आरोप है।
न्यायालय ने अजय को जेल भेज दिया, जबकि अमन को 7 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर सौंपा है। रमाकांत का एक दिन का रिमांड बढ़ाया गया है। उसे गुरुवार को फिर न्यायालय में पेश किया जाएगा। इधर चंदाना में हुई मौतों को लेकर सिविल लाइन पुलिस दो मौतों के मामले में बुधवार को गांव पहुंची। जांच के आधार पर अब अलग से प्रकरण दर्ज करने की तैयारी है।
उल्लेखनीय है कि अवैध शराब को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है और अवैध शराब बनाने और उसके परिवहन करने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी के तहत ग्राम चंदाना शराब कांड को लेकर कार्रवाई जारी है। प्रशासन ने आबकारी के तीन आरक्षकों को निलंबित कर दिया है। वहीं गिरफ्तार आरोपियों को लेकर जांच और पूछताछ की जा रही है।
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