
नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास : चंदाना में शराब की अवैध बिक्री के मामले में पुलिस की जांच अब केमिकल की सप्लाइ तक पहुंच गई है। इंदौर निवासी अमन पुत्र आनंद कासलीवाल को भी कोतवाली पुलिस ने प्रकरण में आरोपित बनाकर गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि अमन ने केमिकल को आरोपितों को बेचा था। अमन के पिता आनंद कासलीवाल कांग्रेस के संभागीय प्रवक्ता है।
इस मामले में पुलिस पहले चंदाना निवासी विनोद जायसवाल, अजय राठौर सहित अन्य आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। 15 और 18 अक्टूबर को हुई दो मौतों की मर्ग जांच के दौरान स्वजन और अन्य लोगों ने विनोद जायसवाल द्वारा अवैध शराब बेचे जाने की जानकारी दी थी। इसके बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई।
26 अक्टूबर को प्रतापनगर-अंबेडकर नगर नाकाबंदी के दौरान विनोद जायसवाल, अजय राठौर और रामेश्वर सोनगरा को पकड़ा गया था। तलाशी में कार की डिक्की से छह पेटी शराब मिली थी। पुलिस की कार्रवाई में इस प्रकरण में अब तक कुल 11 आरोपित गिरफ्तार हो चुके हैं। चर्चा यह भी हो रही है कि इसी केमिकलयुक्त शराब के सेवन से चंदाना में मौत हुई है।
पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि आरोपित अजय ने इंदौर में अमन कासलीवाल के कार्यालय में जाकर उससे मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार 1 अक्टूबर को अमन की एजेंसी से मिक्स साल्वेंट खरीदने का बिल गोविंद के नाम पर मिला है। केमिकल अमन के गोडाउन से दिया गया था। आरोपित गोविंद घटनाक्रम के बाद से ही फरार है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है। अब पूरे मामले में पुलिस ने आबकारी अधिनियम की धारा 42 भी बढ़ाई है।
आनंद जैन कासलीवाल का स्पष्टीकरण इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें कहा है कि मेरे बेटे के नाम से राइजिंग ब्रदर्स फर्म संचालित है, जिसके माध्यम से हम पिछले कई वर्षों से पेंट केमिकल और थिनर का वैध व्यापार कर रहे हैं। हमारी फर्म द्वारा संबंधित व्यक्ति को पेंट थिनर उपलब्ध कराया गया था तथा उसके साथ आवश्यक बिल एवं विवरण भी दिए गए थे।
यदि कोई व्यक्ति खरीदे गए केमिकल का दुरुपयोग करता है, तो उसके लिए व्यापारी को जिम्मेदार ठहराना कहां तक उचित है। खरीदार द्वारा आगे उस सामग्री का किस प्रकार उपयोग किया जाता है, इसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर व्यापारी पर डालना उचित नहीं है।
नकली केमिकल बेचने के जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह निराधार एवं भ्रामक है। इधर, कांग्रेस प्रवक्ता के बेटे का नाम सामने आने के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. रायसिंह सेंधव ने कहा कि जहरीली शराब तैयार करने में इस्तेमाल किए गए केमिकल और थिनर की सप्लाई इंदौर से हुई थी। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता का नाम लेते हुए कांग्रेस से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
कांग्रेस की राजनीतिक भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या कांग्रेस अपनी बची हुई राजनीति को चमकाने के लिए मासूम लोगों की चिताओं का सहारा ले रही है। भाजपा सरकार को बदनाम करने के लिए अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं, जबकि कांग्रेस को पहले अपने नेताओं से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए।
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपित अजय ने इंदौर जिले के पुआल्डा डाइ गांव में ही शराब बनाई। इसके बाद शराब चंदाना में सप्लाइ की गई। आरोपितों नेे लायसेंसी दुकानों से आने वाली शराब की पेटियों में नकली शराब के कुछ क्वार्टर मिलाए गए और बेची गई। ऐसे में शराब खरीदने वाले सभी लोगों को दुष्प्रभाव नहीं दिखे।
सूत्रों के अनुसार शुरूआत में ही आरोपितों को उनकी शराब में गड़बड़ी की आशंका हो गई थी, जिसके चलते वे काम बंद कर फरार हो गए। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने फरार गोविंद और अजय के घर की तलाशी ली लेकिन पुलिस को कोई विशेष सबूत नहीं मिले हैं।
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