
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर/देवास। इंदौर में राष्ट्रगीत गाने पर शुरू हुए विवाद का पटाक्षेप करने के लिए कांग्रेस ने देवास में बैठक की। विवाद के केंद्र में आई कांग्रेस की दोनों महिला पार्षद फौजिया शेख अलीम और रूबीना इकबाल खान के साथ शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे को भी देवास बुलाया गया था। देवास के निजी स्कूल परिसर में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, इंदौर प्रभारी उषा नायडू के साथ राष्ट्रीय सचिव संजय दत्त ने इंदौर के नेताओं से चर्चा की। दोनों पार्षदों के साथ पांच अन्य मुस्लिम पार्षदों, प्रवक्ता व अन्य को भी देवास तलब किया गया। वंदेमातरम विवाद तो केंद्र में रहा ही, निगम सम्मेलन से गैरहाजिर रहने वाले मुस्लिम पार्षदों से भी बात की गई। इस बीच आक्रामक बयानबाजी करने वाले नेताओं को भी समझाइश दी गई।
वंदेमातरम विवाद के बाद इंदौर और प्रदेश कांग्रेस दो गुटों में बंटती नजर आई थी। आठ अप्रैल को नगर निगम के बजट सम्मेलन में दो मुस्लिम पार्षदों फौजिया शेख अलीम और रूबीना इकबाल खान ने वंदेमातरम गाने से इनकार कर दिया था। इसके तुरंत बाद शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने दोनों पार्षदों को निष्कासित करने की बात कह दी थी। इसके बाद प्रवक्ता केके मिश्रा ने भी पार्षदों को पाकिस्तान जाकर रहने का बयान दिया। हालांकि छत्तीसगढ़ के प्रभारी डॉ. अमीनुल खान सूरी मुस्लिम पार्षदों के साथ खड़े दिखे और उन्होंने ट्वीट किया जो चौकसे के रवैये के खिलाफ था।
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा का रुख भी चौकसे के उलट था। इसके बाद कांग्रेस में ही बहस शुरू हो गई कि कौन सही और कौन गलत। मामले पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी भी घेरे में आई। इस बीच दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय तक शिकायत पहुंची कि प्रदेश कांग्रेस दोनों महिला पार्षदों पर तो कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दे रही है, लेकिन पार्टी लाइन से अलग जाकर बयानबाजी करने वाले कांग्रेस नेताओं पर चुप्पी साध रखी है। इसके बाद अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने इस मामले पर रिपोर्ट तलब की। साथ ही मामले का पटाक्षेप कर विवाद को ठंडा करने के लिए भी कहा गया।
बताया जा रहा है कि वंदेमातरम विवाद पर कांग्रेस के पार्षदों को समझा दिया गया है कि वे किसी भी बयान पर प्रतिक्रिया न दें। साथ ही सोशल मीडिया पर किसी तरह की पोस्ट न लिखें। यही निर्देश शहर कांग्रेस अध्यक्ष चौकसे, मिश्रा, सूरी व अन्य को भी दिया गया। इन सभी नेताओं से कहा गया कि जो भी बात कहनी है तो उसे पार्टी फोरम पर रखें।
अंदरुनी सूत्रों से खबर आ रही है कि पूरे प्रकरण में अब किसी पर भी कार्रवाई नहीं होगी। प्रदेश कांग्रेस कमेटी मामले को ठंडा करने में जुट गई है। पूरे घटनाक्रम व समन्वय बनने की रिपोर्ट भी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को दिल्ली भेजी जा रही है।
इंदौर से कांग्रेस के अन्य पार्षद अंसाफ अंसारी, रफीक खान, सादिक खान, अनवर दस्तक भी देवास पहुंचे थे। दरअसल ये सभी पार्षद बीते समय से निगम सम्मेलन में शामिल नहीं हो रहे हैं। इस बहिष्कार से भी संगठन चिंतित दिखा। बताया जा रहा है कि कांग्रेसी पार्षदों ने कारण बताया कि शहर कांग्रेस में संगठनात्मक नियुक्ति में इनसे नाम तो लिए गए, लेकिन जब घोषणा हुई तो इनके दिए नामों को पद नहीं दिए गए। इसी नाराजगी के चलते ये निगम सम्मेलन में शामिल नहीं हो रहे थे।
दरअसल शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ही नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष भी हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने इन पार्षदों को भी समझाइश दी व समन्वय बनाने के लिए कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
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जिस समय गोपनीय बैठक खत्म होने वाली थी, उसी समय भाजपा के जिला उपाध्यक्ष और संस्था भगवा राज के महेश चौहान वहां से गुजरे। उन्हें जब पता चला कि दोनों मुस्लिम पार्षद यहां आई हैं तो वे उनके वाहन के पास पहुंचे। नारे लगाए कि भारत में रहना है तो वंदे मातरम गाना होगा। यह देख पार्षद मौके से निकल गईं। दूसरे वाहन को चौहान ने रोका और कहा कि कहां हैं पार्षद, तो संबंधित व्यक्ति ने कहा कि हम अलग आए हैं, हमारा पार्षदों से कोई लेना-देना नहीं है।