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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 28, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सोयाबीन पर संकट, बारिश से फसल कटाई प्रभावित

बारिश ने एक बार फिर किसानों को संकट में डाल दिया है। फसल खेतों में पककर तैयार है, लेकिन किसान निकाल नहीं पा रहे हैं, क्योंकि 12 से 15 दिनों से बारिश ह...और पढ़ें

By Nai Dunia News NetworkEdited By: Nai Dunia News Network
Publish Date: Tue, 28 Sep 2021 10:25:16 PM (IST)Updated Date: Tue, 28 Sep 2021 10:25:16 PM (IST)
सोयाबीन पर संकट, बारिश से फसल कटाई प्रभावित

देवास(नईदुनिया प्रतिनिधि)। बारिश ने एक बार फिर किसानों को संकट में डाल दिया है। फसल खेतों में पककर तैयार है, लेकिन किसान निकाल नहीं पा रहे हैं, क्योंकि 12 से 15 दिनों से बारिश हो रही हैं। दिन में कुछ घंटे तेज बारिश होती है। इससे खेतों में पानी भर गया है जो निकल नहीं पा रहा है। अभी करीब 5 प्रतिशत ही फसल की कटाई हो पाई है। 95 प्रतिशत फसल अभी खेतों में ही खड़ी है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए करीब 25 से 30 फसल के नुकसान की आशंका है और अगर लगातार एक सप्ताह तक ऐसा ही रहा तो नुकसान बढ़ सकता है। भारतीय किसान संघ के पूर्व अध्यक्ष गोवर्धन पाटीदार ने बताया कि बारिश से सोयाबीन पर दाग लग रहे हैं। इससे किसानों को कम भाव मिलेगा। उनके सामने मजदूरी बढ़ने का भी संकट आ गया है। मजदूर ज्यादा मजदूरी मांग रहे हैं। इस बार फिर बारिश में किसानों को मुश्किल में डाल दिया है।

-जिले में ये स्थिति फसल की

-जिले में कुल 3 लाख 95 हजार हेक्टेयर में फसल लगाई गई थी

-सोयाबीन की बोवनी 3 लाख 13 हजार हेक्टेयर में हुई थी

-9 हजार हेक्टेयर में ज्वार लगाई गई हैे

-करीब साढ़े सात हजार हेक्टेयर में ज्वार बोई है

-मजदूरों को भाव बढ़ा, मजदूरी 500 प्रतिदिन हुई

जिले में कई स्थानों पर खेते में पानी जमा होने से हार्वेस्टर मशीनों से फसल नहीं निकल पा रही है। खेतों तक मशीनों के पहुंचने में समस्या है। इसलिए इस संकट में किसान मजदूरों से फसल निकालने को मजबूर हैं, लेकिन बारिश के चलते मजूदरों का भाव भी बढ़ गया है। पहले मजदूर एक दिन की मजदूरी 250 रुपये लेते थे। अब 500 मजदूरी हो गई है। मजूदरों कहना है कि खेतों में पानी और कीचड़ की वजह से दिनभर खड़े होकर मजदूरी करना होती है। कीचड़ में चलना होता है। बारिश से कटाई में मुश्किल भी बढ़ गई है।


करीब 95 प्रतिशत फसल की कटाई शेष है। आगे अगर बारिश की ऐसी ही स्थिति रहती है तो किसानों को ज्यादा नुकसान उठाना पड़ेगा। आगे संघ जरूत होने पर मुआवजे को लेकर मांग रखेगा, क्योंकि अभी भी बारिश से किसानों की फसल को नुकसान हुआ है।

-हुकुमचंद पटेल, अध्यक्ष, भारतीय किसान संघ

कई क्षेत्रों में कटाई हो गई है। देवास शहर क्षेत्र और कुछ क्षेत्रों में फसल कटाई बाकि है। लेकिन ज्यादा नुकसान नहीं हैं, सोयाबीन उत्पादन पर असर नहीं है, लेकिन गुणवत्ता पर फर्क पड़ रहा है। वहीं उड़द और मूंग में नुकसान है। मक्का और ज्वार की फसल की स्थिति अच्छी है। अभी कहीं से फसल नुकसान की कोई शिकायत नहीं आई है।

-आरपी कनेरिया, जिला कृषि अधिकारी

-जिले में अब तक 961.56 मिली बारिश दर्ज

जिले में अब तक औसत रूप से कुल 961.56 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। अधीक्षक भूअभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार जारी मानसून सत्र में अभी तक देवास में 950, टोंकखुर्द में 907, सोनकच्छ में 989, हाटपीपल्या में 1099, बागली में 853, उदयनगर में 984, कन्नाौद में 944, सतवास में 722 तथा खातेगांव में 1206 मिमी औसत वर्षा रिकार्ड की गई। वहीं जिले में पिछले 24 घंटों में 24.27 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई। जिसमें देवास में 3, टोंकखुर्द में 39, सोनकच्छ में 19, हाटपीपल्या में 74, बागली में 50, उदयनगर में 09.40, कन्नाौद में 01, सतवास में 11 तथा खातेगांव में 12 मिमी औसत वर्षा रिकार्ड की गई। पिछले वर्ष अब तक 1389.62 मिमी औसत वर्षा दर्ज हुई थी।